बड़ौतविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
विक्रम सिंह (INC) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 43.3% वोट पाकर बड़ौत सीट जीती और मोहम्मद रफीक (BKD) को 5,311 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 404 मेरठ कैन्टोनमेंट थी। 1969 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 404 कांधला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विक्रम सिंह | 30,63043.3% | |
| 2 | मोहम्मद रफीक | 25,31935.8% | |
| 3 | जय प्रकाश प्रेमदेव | 6,1458.7% | |
| 4 | ओंकार दत्त शर्मा Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 3,5615.0% |
| 5 | प्रेम नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2714.6% |
| 6 | गंगा सरन | 9251.3% | |
| 7 | मूल चन्द PBI | PBI | 4730.7% |
| 8 | अमीर हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 3600.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.04 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1974 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1974 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बड़ौत से कौन जीता, 1967–1969
INC ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 68.4% से घटकर 66.9% रह गया।
- 1967ए. दीपांकर (CPI), जीत का अंतर 11.1%
- 1969विक्रम सिंह (INC), जीत का अंतर 7.5%