गोपालपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
गोमती (निर्दलीय) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 34.9% वोट पाकर गोपालपुर सीट जीती और राम प्यारे (BSP) को 11,092 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 210 सलेमपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 210 दोआबा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गोमती निर्दलीय | निर्दलीय | 31,51334.9% |
| 2 | राम प्यारे | 20,42122.6% | |
| 3 | काज़ी कलीमुर रहमान | 12,63314.0% | |
| 4 | दलसिंगार राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 8,8459.8% |
| 5 | रमेश चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9253.2% |
| 6 | महंदर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6022.9% |
| 7 | राम कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3282.6% |
| 8 | गयास आलम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9172.1% |
| 9 | राम अधार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6791.9% |
| 10 | हरि लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6091.8% |
| 11 | राम देव निर्दलीय | निर्दलीय | 6320.7% |
| 12 | पामिम निर्दलीय | निर्दलीय | 5460.6% |
| 13 | अनरुद्ध निर्दलीय | निर्दलीय | 5020.6% |
| 14 | राज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4270.5% |
| 15 | राम सकल निर्दलीय | निर्दलीय | 4190.5% |
| 16 | राज देव निर्दलीय | निर्दलीय | 3320.4% |
| 17 | राम वदन निर्दलीय | निर्दलीय | 2340.3% |
| 18 | माया निर्दलीय | निर्दलीय | 2340.3% |
| 19 | मोती निर्दलीय | निर्दलीय | 2240.3% |
| 20 | चन्द्रभान निर्दलीय | निर्दलीय | 2050.2% |
| 21 | ओंकार नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 900.1% |
| 22 | रघुबर निर्दलीय | निर्दलीय | 360.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.86 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गोपालपुर से कौन जीता, 1974–1996
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट ICJ से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1985 के 41.4% से बढ़कर 47.2% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।