गोपालपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
दल सिंगार (JD) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 30.4% वोट पाकर गोपालपुर सीट जीती और शमीम (BSP) को 9,799 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 210 सलेमपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 210 दोआबा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दल सिंगार जनता दल | जनता दल | 26,37130.4% |
| 2 | शमीम | 16,57219.1% | |
| 3 | श्री कृष्ण पाल | 13,80015.9% | |
| 4 | सत्य प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 11,74313.6% |
| 5 | गोमती निर्दलीय | निर्दलीय | 9,52111.0% |
| 6 | तहसीलदार JP | JP | 2,6093.0% |
| 7 | तुरई निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5911.8% |
| 8 | हरि लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5151.8% |
| 9 | पुष्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 4550.5% |
| 10 | गोपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4440.5% |
| 11 | लक्ष्मी प्रसाद सोनकर निर्दलीय | निर्दलीय | 3300.4% |
| 12 | सूर्य बली निर्दलीय | निर्दलीय | 3280.4% |
| 13 | राम अचल निर्दलीय | निर्दलीय | 2490.3% |
| 14 | मोती निर्दलीय | निर्दलीय | 2150.3% |
| 15 | कपूर चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 2130.3% |
| 16 | विजय बहादुर यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1700.2% |
| 17 | राम शकल निर्दलीय | निर्दलीय | 1630.2% |
| 18 | किशोरी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1500.2% |
| 19 | राम अवध निर्दलीय | निर्दलीय | 1350.2% |
| 20 | इंदल निर्दलीय | निर्दलीय | 970.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 65% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.36 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गोपालपुर से कौन जीता, 1974–1996
JD ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 47.2% से घटकर 45.1% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।