गोपालपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
काजू कलीमुर रहमान (ICJ) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 26.5% वोट पाकर गोपालपुर सीट जीती और गोमती यादव (निर्दलीय) को 3,791 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 210 सलेमपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 210 दोआबा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | काजू कलीमुर रहमान ICJ | ICJ | 17,23726.5% |
| 2 | गोमती यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 13,44620.7% |
| 3 | रामशा रे | 9,35314.4% | |
| 4 | भीमा प्रसाद Lok Dal | Lok Dal | 7,49911.5% |
| 5 | रामफेर वाम दल | वाम दल | 3,2315.0% |
| 6 | सुबेदार जनता | जनता | 3,2084.9% |
| 7 | त्रिलोकी नाथ राय | 2,8754.4% | |
| 8 | रुहुल अमीन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6012.5% |
| 9 | सुवास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2431.9% |
| 10 | चमरू निर्दलीय | निर्दलीय | 9981.5% |
| 11 | राम कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 8201.3% |
| 12 | राम धनी निर्दलीय | निर्दलीय | 6311.0% |
| 13 | बनवारी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 5890.9% |
| 14 | राम चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 5340.8% |
| 15 | राम शबद निर्दलीय | निर्दलीय | 4030.6% |
| 16 | इंदल निर्दलीय | निर्दलीय | 3870.6% |
| 17 | हंसराज निर्दलीय | निर्दलीय | 3630.6% |
| 18 | मट्टन | 2420.4% | |
| 19 | रघुबर राम चमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2300.3% |
| 20 | राम बचन निर्दलीय | निर्दलीय | 1340.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 62% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.43 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गोपालपुर से कौन जीता, 1974–1996
ICJ ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह ICJ की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 38.1% से बढ़कर 41.4% हो गया। इसके बाद 1989 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।