जनता दल की सत्ता बरकरार
क्या हुआ
जनता दल ने बिहार में सत्ता बरकरार रखी और लगातार दूसरा कार्यकाल जीता।
जनता दल ने 324 में से 167 सीटें जीतीं — इस बार साफ़ बहुमत।
इस बार उसके (कुल डाले गए वोटों का वह हिस्सा जो किसी एक पार्टी या उम्मीदवार को मिला) भी 28.0% रहा।
उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी ने 41 सीटें हासिल कीं।
क्या बदला
वही पार्टी सरकार में लौटी, और इस बार उसने अकेले बहुमत का आँकड़ा पार किया।
पिछले चुनाव के मुक़ाबले उसे 45 सीटें ज़्यादा मिलीं।
यह 163 सीटों के बहुमत के आँकड़े को 4 सीटों से पार करने के लिए काफ़ी था।
किसी भी और जोड़ी से ज़्यादा सीटें इंडियन नेशनल कांग्रेस से जनता दल के पास भी गईं — इस तरह 36 सीटें हाथ बदलीं।
अहम आँकड़े
इस चुनाव परिणाम के कुछ आँकड़े अपने आप में जानने लायक़ हैं।
सबसे क़रीबी मुक़ाबला: खिजरी, बिहार का फ़ैसला सिर्फ़ 93 वोटों से हुआ।
दूसरी ओर, इस चुनाव का सबसे बड़ा (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) कांटी, बिहार में रहा, जहाँ विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से 56.8% वोट आगे रहा। यह अंतर वोटों की गिनती में नहीं, कुल वोटों के हिस्से के रूप में मापा गया है।
उस साल किसी भी सीट से ज़्यादा पंजीकृत मतदाता बोकारो, बिहार में थे, कुल 3,53,142।
सबसे ज़्यादा उम्मीदवार नालन्दा, बिहार में उतरे — कुल 48।
पृष्ठभूमि
इस चुनाव में वही पार्टी दूसरे कार्यकाल के लिए बिहार सरकार की कमान सँभाले रही।