पोटकाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
हरि राम सरदार (JMM) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 24.6% वोट पाकर पोटका सीट जीती और बुधराम सोय (INC) को 4,744 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 289 चाईबासा थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 289 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। हरि राम सरदार 4.1% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
26 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरि राम सरदार | 28,69924.6% | |
| 2 | बुधराम सोय | 23,95520.5% | |
| 3 | खेला राम बेसरा | 22,70619.4% | |
| 4 | शशधर हाँसदा वाम दल | वाम दल | 7,4476.4% |
| 5 | नरेश कुमार मुर्मू JMM(M) | JMM(M) | 5,3014.5% |
| 6 | श्यामा प्रसाद टुडू निर्दलीय | निर्दलीय | 4,1813.6% |
| 7 | कुमार कृष्ण मुर्मू JKP | JKP | 4,1673.6% |
| 8 | सागेन हाँसदा JPP | JPP | 4,0633.5% |
| 9 | कुमार चन्द्र मार्डी निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2332.8% |
| 10 | मेनका सरदार निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1142.7% |
| 11 | सनातन सरदार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1251.0% |
| 12 | कारू राम मुर्मू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1181.0% |
| 13 | आस्तिक सरदार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0730.9% |
| 14 | बिरसा हेम्ब्रम कुमार BPP | BPP | 1,0230.9% |
| 15 | दिनेश सरदार निर्दलीय | निर्दलीय | 8820.8% |
| 16 | मोहन लाल सरदार निर्दलीय | निर्दलीय | 8660.7% |
| 17 | शंकर कालुन्डिया निर्दलीय | निर्दलीय | 5070.4% |
| 18 | अभय शशि राम पंथी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 5030.4% |
| 19 | मृगेन्द्र हाँसदा निर्दलीय | निर्दलीय | 4890.4% |
| 20 | अनिल कुमार मुर्मू निर्दलीय | निर्दलीय | 4780.4% |
| 21 | फुदान हाँसदा निर्दलीय | निर्दलीय | 4220.4% |
| 22 | शिवान सिंह सरदार निर्दलीय | निर्दलीय | 3770.3% |
| 23 | सायनाथ भूमिज निर्दलीय | निर्दलीय | 3680.3% |
| 24 | उपेन्द्र नाथ सरदार निर्दलीय | निर्दलीय | 2780.2% |
| 25 | आनन्द कुमार सोरेन निर्दलीय | निर्दलीय | 2710.2% |
| 26 | श्रीकान्त सरदार निर्दलीय | निर्दलीय | 2200.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 64% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.58 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पोटका से कौन जीता, 1977–2000
JMM ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 33.9% से घटकर 24.6% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 43.1% से बढ़कर 63.1% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।