पोटकाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
सनातन सरदार (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 32.8% वोट पाकर पोटका सीट जीती और हरि राम सरदार (JMM) को 6,007 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 289 चाईबासा थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 289 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सनातन सरदार | 13,93732.8% | |
| 2 | हरि राम सरदार | 7,93018.7% | |
| 3 | आस्तिक सरदार वाम दल | वाम दल | 5,98814.1% |
| 4 | कुमार कृष्ण मुर्मू निर्दलीय | निर्दलीय | 5,12712.1% |
| 5 | मेघ लाल टुडू | 3,4108.0% | |
| 6 | धनी राम टुडू निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0667.2% |
| 7 | कुंवर चन्द्र मार्डी जनता | जनता | 1,2933.0% |
| 8 | फूलमणि पुरती निर्दलीय | निर्दलीय | 6271.5% |
| 9 | बृहत माझी निर्दलीय | निर्दलीय | 5421.3% |
| 10 | संगराई मार्डी निर्दलीय | निर्दलीय | 5261.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 66% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.25 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पोटका से कौन जीता, 1977–2000
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 29.7% से बढ़कर 31.9% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट JMM ने जीती।