बड़हराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
राघवेन्द्र प्रताप सिंह (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 31.9% वोट पाकर बड़हरा सीट जीती और ब्रह्मेश्वर सिंह (BPP) को 10,016 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 215 ब्रहमपुर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 215 चेनारी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
42 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राघवेन्द्र प्रताप सिंह जनता दल | जनता दल | 32,86931.9% |
| 2 | ब्रह्मेश्वर सिंह BPP | BPP | 22,85322.1% |
| 3 | योगेश्वर गोप CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 17,29416.8% |
| 4 | रामेश्वर सिंह | 9,0908.8% | |
| 5 | अंगद सिंह | 7,0806.9% | |
| 6 | त्रिवेणी प्रसाद सिंह | 5,4975.3% | |
| 7 | सत्य नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7371.7% |
| 8 | अवध बिहारी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7800.8% |
| 9 | विष्णु देव राम निर्दलीय | निर्दलीय | 5760.6% |
| 10 | मुरारी सिंह | 5630.6% | |
| 11 | राम प्रकाश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4840.5% |
| 12 | राज किशोर यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 3610.3% |
| 13 | सत्य देव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3540.3% |
| 14 | दिनेश सिंह SSD | SSD | 3100.3% |
| 15 | रबीन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2940.3% |
| 16 | मो. युसुफ निर्दलीय | निर्दलीय | 2790.3% |
| 17 | ईश्वर दयाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2700.3% |
| 18 | सच्चिदा नन्द उपा JP | JP | 2270.2% |
| 19 | सुभाष राय निर्दलीय | निर्दलीय | 2170.2% |
| 20 | चितरंजन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1940.2% |
| 21 | दिनेश कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1810.2% |
| 22 | लल्लन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1530.1% |
| 23 | ब्रज मोहन प्रसाद | 1420.1% | |
| 24 | उमेश्वर मिश्रा BRD | BRD | 1310.1% |
| 25 | रवि शंकर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1290.1% |
| 26 | राम गणेश राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1030.1% |
| 27 | मिथिलेश कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 940.1% |
| 28 | अजय कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 850.1% |
| 29 | अखलेश्वर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 820.1% |
| 30 | हरे राम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 810.1% |
| 31 | राम कुमार साह निर्दलीय | निर्दलीय | 800.1% |
| 32 | गोपाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
| 33 | गिरिधर पाठक | 700.1% | |
| 34 | सत्येन्द्र कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 600.1% |
| 35 | साख नाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 570.1% |
| 36 | कृष्ण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
| 37 | ब्रह्म शंकर पाण्डेय | 560.1% | |
| 38 | सिद्धेश्वर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 540.1% |
| 39 | देव लाल महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 490.1% |
| 40 | प्रेम कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 470.1% |
| 41 | कृष्ण दत्त सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 270.0% |
| 42 | गजेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 230.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.14 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बड़हरा से कौन जीता, 1977–2000
JD ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 38.3% से घटकर 31.9% रह गया। मतदान प्रतिशत 1990 के 59.9% से घटकर 56.5% रह गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट RJD ने जीती।