बड़हराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
राधवेंद्र प्रताप सिंह (JD) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 38.3% वोट पाकर बड़हरा सीट जीती और जज सिंह (IPF) को 18,935 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 215 ब्रहमपुर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 215 चेनारी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — राधवेंद्र प्रताप सिंह 16.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
28 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राधवेंद्र प्रताप सिंह राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 43,36538.3% |
| 2 | जज सिंह IPF | IPF | 24,43021.6% |
| 3 | राम जी प्रसाद सिंह | 23,66920.9% | |
| 4 | राज किशोर राय निर्दलीय | निर्दलीय | 7,7306.8% |
| 5 | ब्रह्मेश्वर सिंह JNP(JP) | JNP(JP) | 2,9702.6% |
| 6 | मदन मोहन सिंह | 2,9532.6% | |
| 7 | ज्वाला सिंह | 1,6941.5% | |
| 8 | रामानुज सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4991.3% |
| 9 | प्रमोद कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1991.1% |
| 10 | रास बिहारी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7050.6% |
| 11 | शिव कुमार राय SUC | SUC | 4460.4% |
| 12 | हाकिम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3900.3% |
| 13 | ब्रजनंदन राय ICS(SCS) | ICS(SCS) | 3480.3% |
| 14 | अमरेश कुमार सिंह LKD(B) | LKD(B) | 3440.3% |
| 15 | पशुपति नाथ पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 2690.2% |
| 16 | रमन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2590.2% |
| 17 | मुरारी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2210.2% |
| 18 | मिथलेश कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1480.1% |
| 19 | तपेश्वर महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.1% |
| 20 | विजय कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1070.1% |
| 21 | राम निवास सिंह | 900.1% | |
| 22 | रविन्द्र नाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 740.1% |
| 23 | जय कुमार राम निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 24 | रघुबर दयाल सिंह SOP(L) | SOP(L) | 470.0% |
| 25 | रविन्द्र कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 460.0% |
| 26 | हरे राम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 350.0% |
| 27 | यादव सरयू निर्दलीय | निर्दलीय | 330.0% |
| 28 | हरेश्वर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 270.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बड़हरा से कौन जीता, 1977–2000
JD ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 60.8% से घटकर 59.9% रह गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में भी JD ने यह सीट अपने पास रखी।