बक्सरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
मंजू प्रकाश (CPM) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 41.3% वोट पाकर बक्सर सीट जीती और अजय चौबे (BJP) को 22,507 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 219 रामगढ़ थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 219 देव है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मंजू प्रकाश 22.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
28 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मंजू प्रकाश वाम दल | वाम दल | 41,75741.3% |
| 2 | अजय चौबे | 19,25019.0% | |
| 3 | जग नारायण त्रिवेदी | 16,52816.3% | |
| 4 | गणपति मंडल | 7,2577.2% | |
| 5 | दिनेश कुमार सिंह CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 2,9442.9% |
| 6 | ईश्वरचंद चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8122.8% |
| 7 | बब्बन सिंह | 2,2162.2% | |
| 8 | नन्द किशोर यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6531.6% |
| 9 | शहरुन शाह निर्दलीय | निर्दलीय | 9650.9% |
| 10 | बिनय भूषण तिवारी BPP | BPP | 8160.8% |
| 11 | महाबीर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 6240.6% |
| 12 | राज किशोर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5640.6% |
| 13 | खेदन सिंह JNMK | JNMK | 4760.5% |
| 14 | लल्लन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4240.4% |
| 15 | राम निवास सिंह समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 4120.4% |
| 16 | बीरेन्द्र कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3480.3% |
| 17 | कृष्णजी सिंह BKUS | BKUS | 3260.3% |
| 18 | सरोज कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2480.3% |
| 19 | संजय कुमार राय निर्दलीय | निर्दलीय | 2340.2% |
| 20 | बृज बिहारी पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 2310.2% |
| 21 | सुनील भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 1720.2% |
| 22 | अशोक कुमार पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 1660.2% |
| 23 | कुमार मोहन चौबे निर्दलीय | निर्दलीय | 1580.2% |
| 24 | गणेश प्रसाद केशरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1480.1% |
| 25 | बिनोद कुमार सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 1270.1% |
| 26 | सोना लाल प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1200.1% |
| 27 | बुचकलो देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 1100.1% |
| 28 | अशोक राय | 920.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बक्सर से कौन जीता, 1977–2000
CPM ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 23.2% से बढ़कर 41.3% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1990 के 52.3% से बढ़कर 64.8% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।