गिरिडीहविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
चन्द्र मोहन प्रसाद (BJP) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 25.9% वोट पाकर गिरिडीह सीट जीती और ज्योतिंद्र प्रसाद (INC) को 5,264 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 275 तोपचांची थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 275 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
23 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चन्द्र मोहन प्रसाद | 23,12325.9% | |
| 2 | ज्योतिंद्र प्रसाद | 17,85920.0% | |
| 3 | निर्भय कुमार शाहाबादी निर्दलीय | निर्दलीय | 12,70114.2% |
| 4 | ओमीलाल आजाद वाम दल | वाम दल | 9,71810.9% |
| 5 | धनेश्वर मंडल | 7,6458.6% | |
| 6 | मो. इक़बाल अख्तर निर्दलीय | निर्दलीय | 7,5098.4% |
| 7 | मोहनलाल महतो JMM(M) | JMM(M) | 3,6694.1% |
| 8 | आफताब अहमद | 1,2601.4% | |
| 9 | सतीश कुन्दन | 6730.8% | |
| 10 | एहसान अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 6350.7% |
| 11 | अशोक सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5520.6% |
| 12 | अशोक कुमार पोद्दार निर्दलीय | निर्दलीय | 4770.5% |
| 13 | सुनील कुमार पासवान BPP | BPP | 4750.5% |
| 14 | मनोहर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4380.5% |
| 15 | विनय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4360.5% |
| 16 | बिजय कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4020.5% |
| 17 | सुधा रानी सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 3560.4% |
| 18 | किशोरी लाल खेतान निर्दलीय | निर्दलीय | 3340.4% |
| 19 | जहांगीर आलम CSP-JSD | CSP-JSD | 2800.3% |
| 20 | कृष्ण चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2440.3% |
| 21 | यमुना प्रसाद | 2340.3% | |
| 22 | अयोध्या महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 2230.3% |
| 23 | राम तवाक्या शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1770.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 60% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.44 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गिरिडीह से कौन जीता, 1977–2000
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1990 के 43.8% से बढ़कर 52.4% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।