गिरिडीहविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
ओम लाल आजाद (CPI) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 36.8% वोट पाकर गिरिडीह सीट जीती और उर्मिला देवी (INC) को 5,696 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 275 तोपचांची थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 275 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ओम लाल आजाद वाम दल | वाम दल | 19,00636.8% |
| 2 | उर्मिला देवी | 13,31025.8% | |
| 3 | ज्योतिंद्र प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 8,44616.4% |
| 4 | राज किशोर राम | 5,66611.0% | |
| 5 | रीतलाल प्रसाद वर्मा | 3,8727.5% | |
| 6 | गोपाल कृष्ण प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 6651.3% |
| 7 | विकास चन्द गोस्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 5041.0% |
| 8 | शंकर मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 1500.3% |
| 9 | अर्जुन पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 380.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 79% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.06 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गिरिडीह से कौन जीता, 1977–2000
CPI ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; CPI ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 50.5% से घटकर 43.5% रह गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।