गिरिडीहविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
उर्मिला देबी (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 55.7% वोट पाकर गिरिडीह सीट जीती और चतुरानन मिश्रा (CPI) को 16,798 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 275 तोपचांची थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 275 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — उर्मिला देबी 32.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | उर्मिला देबी | 28,99755.7% | |
| 2 | चतुरानन मिश्रा वाम दल | वाम दल | 12,19923.4% |
| 3 | हरिहर नारायण प्रभाकर | 5,26810.1% | |
| 4 | कौशलेन्द्र कुमार राय | 4,4458.5% | |
| 5 | अरुण कुमार वर्मा | 2730.5% | |
| 6 | गुलाम रसूल अंसारी निर्दलीय | निर्दलीय | 2640.5% |
| 7 | केदार प्रसाद यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 2270.4% |
| 8 | बुधन राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1990.4% |
| 9 | हरमहेंद्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1790.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC(I), CPI और BJP को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.61 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गिरिडीह से कौन जीता, 1977–2000
INC(I) ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 42.0% से बढ़कर 50.5% हो गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट CPI ने जीती।