बिहार 2005 (फ़रवरी) का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
RJD: 75 सीटें (30.9%)JD(U): 55 सीटें (22.6%)BJP: 37 सीटें (15.2%)LJP: 29 सीटें (11.9%)IND: 17 सीटें (7.0%)INC: 10 सीटें (4.1%)CPI(ML)(L): 7 सीटें (2.9%)SP: 4 सीटें (1.6%)अन्य (4 पार्टियाँ): 9 सीटें — CPI 3, NCP 3, BSP 2, CPM 1बहुमत के लिए 122243सरकार बनाने के लिए 122
  • RJD7530.9%
  • JD(U)5522.6%
  • BJP3715.2%
  • LJP2911.9%
  • निर्दलीय177.0%
  • INC104.1%
  • CPI(ML)(L)72.9%
  • SP41.6%
  • अन्य93.7%
चुनाव की कहानी

त्रिशंकु और बिखरा हुआ परिणाम

क्या हुआ

बिहार का विधान सभा चुनाव विधान सभा पर ख़त्म हुआ, जिसमें सत्ता कई दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों में बँट गई।

किसी भी एक पार्टी में सबसे ज़्यादा सीटें राष्ट्रीय जनता दल ने जीतीं — 243 में से 75 — जो अकेले बहुमत से काफ़ी कम थीं।

उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी जनता दल (यूनायटेड) 55 सीटों के साथ पीछे रही।

क्या बदला

पहले दो स्थानों के बाद परिणाम बेहद बिखरा हुआ था — बड़ी संख्या में सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों और छोटे दलों के पास गईं।

17 सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं, और 12 अलग-अलग दलों ने कम से कम एक-एक सीट जीती।

हाथ बदलने वाली सीटों में से 40 सीटें राजद से जदयू के पास गईं; पूरे राज्य में ऐसी कुल 169 सीटें थीं।

अहम आँकड़े

उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे क़रीबी मुक़ाबला: लौरिया, बिहार का फ़ैसला सिर्फ़ 54 वोटों से हुआ, जो उस साल किसी भी सीट पर सबसे कम था।

दूसरी ओर, गोबिन्दपुर, बिहार में जीत का अंतर 53.3% वोट रहा।

उस साल किसी भी सीट से ज़्यादा मतदाता पटना पश्चिम, बिहार में थे — 5,12,503 पंजीकृत मतदाता — और यहीं राज्य का सबसे कम भी दर्ज हुआ, 34.2%।

इसके उलट, राज्य में सबसे ऊँचा मतदान प्रतिशत प्राणपुर, बिहार में दर्ज हुआ, 59.9%।

पृष्ठभूमि

यह पहले से छोटे नक्शे पर हुआ बिहार का पहला विधान सभा चुनाव था।

इस चुनाव से पहले विधान सभा में 324 सीटें थीं और अब 243 हैं, इसलिए सीटों की संख्या की सीधी तुलना नहीं की जा सकती।

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RBI 2024-25

सभी 243 सीटें