छपराविधान सभा चुनाव का परिणाम, फ़रवरी 2005
राम परवश राय (JD(U)) ने फ़रवरी 2005 के विधान सभा चुनाव में 36.9% वोट पाकर छपरा सीट जीती और उदित राय (RJD) को 2,249 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 41 मढ़ौरा थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 41 निर्मली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। राम परवश राय 2.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
19 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम परवश राय NDA | NDA | 33,77636.9% |
| 2 | उदित राय | 31,52734.4% | |
| 3 | जय नारायण सिंह (सोलंकी) | 8,4109.2% | |
| 4 | सुभाष राय निर्दलीय | निर्दलीय | 4,6025.0% |
| 5 | लक्ष्मण राय निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1802.4% |
| 6 | रामजी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4661.6% |
| 7 | हरेंदर राय | 1,3871.5% | |
| 8 | विनोद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1121.2% |
| 9 | अरुण कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0991.2% |
| 10 | अशोक कुमार सिंह AD | AD | 1,0851.2% |
| 11 | जितेन्द्र कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6840.7% |
| 12 | मो. बेराज अहमद BMF | BMF | 6570.7% |
| 13 | बृजेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 6170.7% |
| 14 | संजय राय निर्दलीय | निर्दलीय | 5850.6% |
| 15 | बीरेन्द्र कुमार यादव | 5630.6% | |
| 16 | रबीश चन्द्र गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 5340.6% |
| 17 | नूतन देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 4870.5% |
| 18 | राजू राय निर्दलीय | निर्दलीय | 4640.5% |
| 19 | नन्द किशोर कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3270.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.74 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
छपरा से कौन जीता, 1977–2005
JD(U) ने यह सीट RJD से छीन ली, जिसने इसे 2000 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD(U) की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2000 के 72.8% से घटकर 40.5% रह गया। इसके बाद 2005 (अक्टूबर) के चुनाव में भी JD(U) ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977मिथलेश कुमार सिंह (JNP), जीत का अंतर 28.1%
- 1980जनक यादव (JNP(SC)), जीत का अंतर 7.1%
- 1985जनक यादव (IND), जीत का अंतर 11.3%
- 1990उदित राय (IND), जीत का अंतर 14.3%
- 1995उदित राय (JD), जीत का अंतर 8.0%
- 2000उदित राय (RJD), जीत का अंतर 15.7%
- 2005 (फ़रवरी)राम परवश राय (JD(U)), जीत का अंतर 2.5%
- 2005 (अक्टूबर)राम प्रवेश राय (JD(U)), जीत का अंतर 3.6%