सिंहेश्वरविधान सभा चुनाव का परिणाम, फ़रवरी 2005
रामेश्वर प्रसाद यादव (JD(U)) ने फ़रवरी 2005 के विधान सभा चुनाव में 41.3% वोट पाकर सिंहेश्वर सीट जीती और दिनेश कुमार यादव (RJD) को 7,016 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 116 मुरलीगंज थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 116 तरैया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रामेश्वर प्रसाद यादव NDA | NDA | 35,00641.3% |
| 2 | दिनेश कुमार यादव | 27,99033.0% | |
| 3 | युनुस खान | 9,57111.3% | |
| 4 | जिंसी मेहता | 3,4474.1% | |
| 5 | कौसर आलम | 3,1323.7% | |
| 6 | डोमी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7352.0% |
| 7 | मो. प्रवेज़ आलम | 1,7192.0% | |
| 8 | मो. इस्लाम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1311.3% |
| 9 | कैलू मुसहर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0171.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.37 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिंहेश्वर से कौन जीता, 1977–2005
JD(U) ने यह सीट RJD से छीन ली, जिसने इसे 2000 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD(U) की पहली जीत थी। यह 1985 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2000 के 62.6% से घटकर 41.5% रह गया। इसके बाद 2005 (अक्टूबर) के चुनाव में भी JD(U) ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977दीनबंधु प्रसाद यादव (JNP), जीत का अंतर 0.8%
- 1980जय कुमार सिंह (JNP(SC)), जीत का अंतर 10.9%
- 1985रामेन्द्र कुमार यादव रवि (LKD), जीत का अंतर 1.0%
- 1990राजेश रंजन (IND), जीत का अंतर 17.2%
- 1995बम भोला यादव (JD), जीत का अंतर 10.0%
- 2000विजय कुमार सिंह (RJD), जीत का अंतर 18.5%
- 2005 (फ़रवरी)रामेश्वर प्रसाद यादव (JD(U)), जीत का अंतर 8.3%
- 2005 (अक्टूबर)रामेश्वर प्रसाद यादव (JD(U)), जीत का अंतर 1.1%