पातेपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, फ़रवरी 2005
महेन्द्र बैठा (LJP) ने फ़रवरी 2005 के विधान सभा चुनाव में 38.2% वोट पाकर पातेपुर सीट जीती और प्रेमा चौधरी (RJD) को 1,538 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 49 महनार थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 49 अररिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पातेपुर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,538 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | महेन्द्र बैठा LJP-कांग्रेस गठबंधन (UPA गठबंधन) | LJP-कांग्रेस गठबंधन (UPA गठबंधन) | 35,21738.2% |
| 2 | प्रेमा चौधरी | 33,67936.5% | |
| 3 | महेश राम NDA | NDA | 9,77610.6% |
| 4 | सूर्यदेव पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1683.4% |
| 5 | सुखदेव पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6282.9% |
| 6 | राम कुमारी देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4722.7% |
| 7 | श्री राम | 1,4831.6% | |
| 8 | नरेश चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3621.5% |
| 9 | हरिवंश पासवान | 9211.0% | |
| 10 | संजय पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 7840.9% |
| 11 | बीरेन्द्र पासवान उर्फ़ बीरचंद्र पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 6580.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.40 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पातेपुर से कौन जीता, 1977–2005
LJP ने यह सीट RJD से छीन ली, जिसने इसे 2000 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह LJP की पहली जीत थी। यह 1985 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2000 के 67.8% से घटकर 47.1% रह गया। इसके बाद 2005 (अक्टूबर) के चुनाव में यह सीट RJD ने जीती।
- 1977पलटन राम (JNP), जीत का अंतर 59.3%
- 1980शिव नन्दन पवन (JNP(SC)), जीत का अंतर 9.1%
- 1985बालेश्वर सिंह पासवान (INC), जीत का अंतर 0.6%
- 1990रामसुंदर दास (JD), जीत का अंतर 54.8%
- 1995महेन्द्र बैठा (JD), जीत का अंतर 52.3%
- 2000प्रेमा चौधरी (RJD), जीत का अंतर 10.3%
- 2005 (फ़रवरी)महेन्द्र बैठा (LJP), जीत का अंतर 1.7%
- 2005 (अक्टूबर)प्रेमा चौधरी (RJD), जीत का अंतर 3.9%