पटना मध्यविधान सभा चुनाव का परिणाम, फ़रवरी 2005
अरुण कुमार सिन्हा (BJP) ने फ़रवरी 2005 के विधान सभा चुनाव में 55.9% वोट पाकर पटना मध्य सीट जीती और राम जतन सिन्हा (INC) को 51,317 वोटों से हराया।
झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2000 में सीट नंबर 189 सिकन्दरा थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 189 मसौढ़ी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अरुण कुमार सिन्हा 37.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
27 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अरुण कुमार सिन्हा NDA | NDA | 77,53655.9% |
| 2 | राम जतन सिन्हा | 26,21918.9% | |
| 3 | अकिल हैदर | 25,02718.0% | |
| 4 | जितेन्द्र कुमार अंभस्था | 9370.7% | |
| 5 | अमित कुमार अलबेला निर्दलीय | निर्दलीय | 9280.7% |
| 6 | तोता चौधरी CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 8350.6% |
| 7 | निर्मल कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 7790.6% |
| 8 | ललन कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 6900.5% |
| 9 | उषा देवी | 6840.5% | |
| 10 | निर्मल चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 6290.5% |
| 11 | ऋषिकेश नारायण सिन्हा RVNP | RVNP | 5710.4% |
| 12 | शंकर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 5280.4% |
| 13 | देव स्वरूप पाण्डेय | 4280.3% | |
| 14 | फ़ज़ल अहसन निर्दलीय | निर्दलीय | 3910.3% |
| 15 | मनोज कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3260.2% |
| 16 | इन्द्र मोहन कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2820.2% |
| 17 | विकाश चन्द्र गुड्डू बाबा निर्दलीय | निर्दलीय | 2150.2% |
| 18 | नागरमल वजोरिया धरती पकड़ ABHM | ABHM | 2090.2% |
| 19 | विजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2040.1% |
| 20 | हसन मंजूर हाशमी NLP | NLP | 1890.1% |
| 21 | माया वर्मा RLSM | RLSM | 1810.1% |
| 22 | मनोज कुमार रामपुर (मुसल्लहपुर हट) निर्दलीय | निर्दलीय | 1800.1% |
| 23 | सरस्वती शर्मा | 1790.1% | |
| 24 | अंजनी कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1710.1% |
| 25 | लल्लू सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1480.1% |
| 26 | मनोज कुमार (ईस्ट लोहानीपुर) निर्दलीय | निर्दलीय | 980.1% |
| 27 | राम बाबू कुमार सांकृत्य निर्दलीय | निर्दलीय | 980.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और NCP को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.62 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पटना मध्य से कौन जीता, 2005
इसके बाद 2005 (अक्टूबर) के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 2005 (फ़रवरी)अरुण कुमार सिन्हा (BJP), जीत का अंतर 37.0%
- 2005 (अक्टूबर)अरुण कुमार सिन्हा (BJP), जीत का अंतर 46.4%