जहानाबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, फ़रवरी 2005
सच्चिदा नन्द यादव (RJD) ने फ़रवरी 2005 के विधान सभा चुनाव में 42.6% वोट पाकर जहानाबाद सीट जीती और गोपाल शर्मा (LJP) को 13,440 वोटों से हराया।
झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2000 में सीट नंबर 227 दिनारा थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 227 इमामगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सच्चिदा नन्द यादव | 42,72942.6% | |
| 2 | गोपाल शर्मा | 29,28929.2% | |
| 3 | कमलेश शर्मा CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 13,02113.0% |
| 4 | राधा मोहन शर्मा NDA | NDA | 8,1978.2% |
| 5 | कलामुद्दीन | 3,7733.8% | |
| 6 | सोह राव साह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2111.2% |
| 7 | कुसुम देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0891.1% |
| 8 | अवध यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 9210.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.42 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जहानाबाद से कौन जीता, 2005
इसके बाद 2005 (अक्टूबर) के चुनाव में भी RJD ने यह सीट अपने पास रखी।
- 2005 (फ़रवरी)सच्चिदा नन्द यादव (RJD), जीत का अंतर 13.4%
- 2005 (अक्टूबर)सच्चिदा नन्द यादव (RJD), जीत का अंतर 5.7%