पूर्णियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, फ़रवरी 2005
राज किशोर केशरी (BJP) ने फ़रवरी 2005 के विधान सभा चुनाव में 26.0% वोट पाकर पूर्णिया सीट जीती और राम चरित्र यादव (SP) को 1,174 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 139 राजमहल थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 139 रोसड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पूर्णिया का फ़ैसला सिर्फ़ 1.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,174 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
26 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राज किशोर केशरी NDA | NDA | 30,00626.0% |
| 2 | राम चरित्र यादव | 28,83224.9% | |
| 3 | मो. हबीब AD | AD | 8,7037.5% |
| 4 | नीरज सिंह उर्फ़ छोटू सिंह | 6,3755.5% | |
| 5 | प्रदीप सरकार | 5,7405.0% | |
| 6 | कृष्ण कुमार मंडल | 4,9724.3% | |
| 7 | अफरोज आलम निर्दलीय | निर्दलीय | 4,9464.3% |
| 8 | जितेन्द्र उरांव | 4,4593.9% | |
| 9 | तेज नारायण राम | 3,0032.6% | |
| 10 | राकेश कुमार सिंह | 2,7042.3% | |
| 11 | इसरार आलम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0321.8% |
| 12 | नजमुल होदा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8541.6% |
| 13 | सदानंद मेहता | 1,3191.1% | |
| 14 | मोहम्मद असलम आज़ाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2841.1% |
| 15 | विनय कुमार पांडेय RVNP | RVNP | 1,1401.0% |
| 16 | संजीव कुमार शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1081.0% |
| 17 | धर्मेन्द्र उराँव JDP | JDP | 9150.8% |
| 18 | दया रानी देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 9140.8% |
| 19 | जयंती देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 7910.7% |
| 20 | माधबी सरकार CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 7260.6% |
| 21 | मनोज कुमार पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 6980.6% |
| 22 | श्याम लाल पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 6710.6% |
| 23 | मो. आशिक़ रहमानी निर्दलीय | निर्दलीय | 6690.6% |
| 24 | फनी लाल यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 6400.6% |
| 25 | मनोवर इमाम निर्दलीय | निर्दलीय | 6380.6% |
| 26 | मंजू देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 4440.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 58% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.73 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पूर्णिया से कौन जीता, 1977–2005
BJP ने 2000 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत लगभग पहले जितना ही रहा: 26.0%। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2000 के 57.1% से घटकर 50.6% रह गया। इसके बाद 2005 (अक्टूबर) के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977देव नाथ राय (JNP), जीत का अंतर 7.7%
- 1980अजीत चन्द सरकार (CPM), जीत का अंतर 16.5%
- 1985अजीत चंद्रास (CPM), जीत का अंतर 12.5%
- 1990अजीत सरकार (CPM), जीत का अंतर 27.2%
- 1995अजीत सरकार (CPM), जीत का अंतर 1.4%
- 2000राज किशोर केसरी (BJP), जीत का अंतर 10.1%
- 2005 (फ़रवरी)राज किशोर केशरी (BJP), जीत का अंतर 1.0%
- 2005 (अक्टूबर)राज किशोर केशरी (BJP), जीत का अंतर 13.9%