पूर्णियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2000
राज किशोर केसरी (BJP) ने 2000 के विधान सभा चुनाव में 26.0% वोट पाकर पूर्णिया सीट जीती और रामचरित्र यादव (SP) को 11,920 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 139 राजमहल थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 139 रोसड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
27 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राज किशोर केसरी NDA | NDA | 30,77626.0% |
| 2 | रामचरित्र यादव | 18,85615.9% | |
| 3 | याबिबा निर्दलीय | निर्दलीय | 15,48413.1% |
| 4 | माधवि सरकार | 13,19511.2% | |
| 5 | वैद्यनाथ मेहता निर्दलीय | निर्दलीय | 6,6805.7% |
| 6 | प्रदीप सरकार निर्दलीय | निर्दलीय | 5,5504.7% |
| 7 | प्रफुल्ल चन्द्र राय निर्दलीय | निर्दलीय | 5,1484.3% |
| 8 | दरख़्शा नसीम निर्दलीय | निर्दलीय | 3,8413.3% |
| 9 | इंदु सिन्हा | 2,9312.5% | |
| 10 | नजरुल इस्लाम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7462.3% |
| 11 | सुरेश प्रसाद साह | 2,0721.8% | |
| 12 | सीता राम जायसवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2601.1% |
| 13 | सत्येन्द्र क्री सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1411.0% |
| 14 | लाल बाबू सहनी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0520.9% |
| 15 | अनिल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9090.8% |
| 16 | कमल किशोर यादव BJC(R) | BJC(R) | 9060.8% |
| 17 | वीरेन्द्र मोहन ठाकुर AJBP | AJBP | 7760.7% |
| 18 | देव चरण यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 7170.6% |
| 19 | आशा देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 6560.6% |
| 20 | कृष्ण कु. झा निर्दलीय | निर्दलीय | 6360.5% |
| 21 | अरुण कु. साह | 6160.5% | |
| 22 | सायरा खातून निर्दलीय | निर्दलीय | 6150.5% |
| 23 | भोला सहनी | 5340.5% | |
| 24 | सिया राम जायसवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5330.5% |
| 25 | अनवरुस सलाम BHJVP | BHJVP | 2390.2% |
| 26 | रामचंद्र पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 2320.2% |
| 27 | मुकाश यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1870.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 55% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 7.51 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पूर्णिया से कौन जीता, 1977–2005
BJP ने यह सीट CPM से छीन ली, जिसने इसे 1995 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1995 के 58.0% से घटकर 57.1% रह गया। इसके बाद 2005 (फ़रवरी) के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977देव नाथ राय (JNP), जीत का अंतर 7.7%
- 1980अजीत चन्द सरकार (CPM), जीत का अंतर 16.5%
- 1985अजीत चंद्रास (CPM), जीत का अंतर 12.5%
- 1990अजीत सरकार (CPM), जीत का अंतर 27.2%
- 1995अजीत सरकार (CPM), जीत का अंतर 1.4%
- 2000राज किशोर केसरी (BJP), जीत का अंतर 10.1%
- 2005 (फ़रवरी)राज किशोर केशरी (BJP), जीत का अंतर 1.0%
- 2005 (अक्टूबर)राज किशोर केशरी (BJP), जीत का अंतर 13.9%