पूर्णियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
अजीत सरकार (CPM) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 30.6% वोट पाकर पूर्णिया सीट जीती और राजेश रंजन (SP) को 1,615 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 139 राजमहल थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 139 रोसड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पूर्णिया का फ़ैसला सिर्फ़ 1.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,615 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
27 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अजीत सरकार वाम दल | वाम दल | 35,16730.6% |
| 2 | राजेश रंजन समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 33,55229.2% |
| 3 | पंचा नन्द यादव | 17,57115.3% | |
| 4 | खालिद रशीद सबा | 11,2699.8% | |
| 5 | वैद्य़ नाथ मेहता | 6,0305.2% | |
| 6 | ज्वाला प्रसाद गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2891.1% |
| 7 | संपत लाल उराँव निर्दलीय | निर्दलीय | 9000.8% |
| 8 | सत्येन्द्र बिमल BPP | BPP | 8980.8% |
| 9 | फखरुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 8690.8% |
| 10 | इस्लामुद्दीन | 7880.7% | |
| 11 | रोशन अली निर्दलीय | निर्दलीय | 7640.7% |
| 12 | आलोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 7560.7% |
| 13 | रोहित यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 6590.6% |
| 14 | अजीमुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 5710.5% |
| 15 | राजेश्वर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 5570.5% |
| 16 | कृष्ण कुमार झा निर्दलीय | निर्दलीय | 4820.4% |
| 17 | नीरज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4130.4% |
| 18 | मोती लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4120.4% |
| 19 | चंदू यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 3920.3% |
| 20 | महेश प्रसाद गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 3440.3% |
| 21 | उपेन्द्र नाथ सागर निर्दलीय | निर्दलीय | 3370.3% |
| 22 | सुधीर पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 2310.2% |
| 23 | अरुण साह निर्दलीय | निर्दलीय | 2220.2% |
| 24 | छट्टू ऋषि निर्दलीय | निर्दलीय | 1970.2% |
| 25 | खगेंद्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1360.1% |
| 26 | सकलदेव ऋषि निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.1% |
| 27 | रामाशीष दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1010.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 75% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.66 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पूर्णिया से कौन जीता, 1977–2005
CPM ने यहाँ लगातार चौथी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1980 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 39.9% से घटकर 30.6% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 1990 जितना ही रहा: 58.0%। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1977देव नाथ राय (JNP), जीत का अंतर 7.7%
- 1980अजीत चन्द सरकार (CPM), जीत का अंतर 16.5%
- 1985अजीत चंद्रास (CPM), जीत का अंतर 12.5%
- 1990अजीत सरकार (CPM), जीत का अंतर 27.2%
- 1995अजीत सरकार (CPM), जीत का अंतर 1.4%
- 2000राज किशोर केसरी (BJP), जीत का अंतर 10.1%
- 2005 (फ़रवरी)राज किशोर केशरी (BJP), जीत का अंतर 1.0%
- 2005 (अक्टूबर)राज किशोर केशरी (BJP), जीत का अंतर 13.9%