सुल्तानगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, फ़रवरी 2005
सुधांशु शेखर भास्कर (JD(U)) ने फ़रवरी 2005 के विधान सभा चुनाव में 43.9% वोट पाकर सुल्तानगंज सीट जीती और गणेश पासवान (RJD) को 6,320 वोटों से हराया।
झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2000 में सीट नंबर 153 शिकारीपाड़ा थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 153 गोपालपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुधांशु शेखर भास्कर NDA | NDA | 50,82743.9% |
| 2 | गणेश पासवान | 44,50738.4% | |
| 3 | फणीन्द्र चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 10,1968.8% |
| 4 | उमेश चौधरी | 4,1473.6% | |
| 5 | देवेन्द्र दास | 2,5202.2% | |
| 6 | उर्मिला देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1401.8% |
| 7 | निवास पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5041.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JD(U), RJD और एक निर्दलीय को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.86 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सुल्तानगंज से कौन जीता, 2005
इसके बाद 2005 (अक्टूबर) के चुनाव में भी JD(U) ने यह सीट अपने पास रखी।
- 2005 (फ़रवरी)सुधांशु शेखर भास्कर (JD(U)), जीत का अंतर 5.5%
- 2005 (अक्टूबर)सुधांशु शेखर भास्कर (JD(U)), जीत का अंतर 11.3%