मुजफ्फरपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, फ़रवरी 2005
विजेन्द्र चौधरी (निर्दलीय) ने फ़रवरी 2005 के विधान सभा चुनाव में 38.9% वोट पाकर मुजफ्फरपुर सीट जीती और सुरेश कुमार शर्मा (BJP) को 14,820 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 59 कुढ़नी थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 59 बनमनखी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
25 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विजेन्द्र चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 50,88438.9% |
| 2 | सुरेश कुमार शर्मा NDA | NDA | 36,06427.6% |
| 3 | अमरनाथ पाण्डेय | 24,81019.0% | |
| 4 | नन्द कुमार | 6,0184.6% | |
| 5 | देवानन्द सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9622.3% |
| 6 | सुरेश पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1610.9% |
| 7 | नंदकिशोर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 9900.8% |
| 8 | सुधीर कुमार ओझा निर्दलीय | निर्दलीय | 8670.7% |
| 9 | बिशेश्वर प्रसाद शंभू | 8180.6% | |
| 10 | लालबाबू पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 7400.6% |
| 11 | करनाल हुसैन | 7280.6% | |
| 12 | दीपक कुमार | 6250.5% | |
| 13 | गयासुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 5910.5% |
| 14 | अतिरंजन प्रसाद श्रीवास्तव NLP | NLP | 4350.3% |
| 15 | वीरेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4200.3% |
| 16 | मो. रहमतुल्लाह ABJS | ABJS | 3900.3% |
| 17 | कपिलदेव पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 3570.3% |
| 18 | रघुबीर शरण CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 3320.3% |
| 19 | मो. इद्रीस निर्दलीय | निर्दलीय | 3240.2% |
| 20 | मुन्ना निर्दलीय | निर्दलीय | 2600.2% |
| 21 | पंकज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2480.2% |
| 22 | गायत्री कुमारी | 2230.2% | |
| 23 | भूपाल प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1990.2% |
| 24 | अनिरुद्ध सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1810.1% |
| 25 | बैधनाथ बांका LSD | LSD | 1720.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.75 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मुजफ्फरपुर से कौन जीता, 1977–2005
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट RJD से छीन ली, जिसने इसे 2000 में जीता था। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2000 के 64.9% से घटकर 47.8% रह गया। इसके बाद 2005 (अक्टूबर) के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1977मंजय लाल (JNP), जीत का अंतर 25.7%
- 1980रघुनाथ पाण्डेय (INC(I)), जीत का अंतर 54.5%
- 1985रघुनाथ पाण्डेय (INC), जीत का अंतर 67.5%
- 1990रघुनाथ पाण्डेय (INC), जीत का अंतर 41.2%
- 1995विजेन्द्र चौधरी (JD), जीत का अंतर 17.4%
- 2000विजेन्द्र चौधरी (RJD), जीत का अंतर 17.4%
- 2005 (फ़रवरी)विजेन्द्र चौधरी (IND), जीत का अंतर 11.3%
- 2005 (अक्टूबर)विजेन्द्र चौधरी (IND), जीत का अंतर 21.5%