कुढ़नीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
साधू सरन सही (SOP) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 50.1% वोट पाकर कुढ़नी सीट जीती और महेन्द्र मोहन मिश्रा (INC) को 18,948 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 59 कांटी थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 59 मुजफ्फरपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — साधू सरन सही 30.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | साधू सरन सही | 31,31850.1% | |
| 2 | महेन्द्र मोहन मिश्रा कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 12,37019.8% |
| 3 | हिन्द केशरी यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 10,42716.7% |
| 4 | राम नन्दन सिंह HSD | HSD | 5,8489.3% |
| 5 | मोहम्मद अली जहाँ निर्दलीय | निर्दलीय | 9021.4% |
| 6 | शशि भूषण प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5880.9% |
| 7 | किशोरी राय महागठबंधन | महागठबंधन | 4830.8% |
| 8 | रामाशीष राय निर्दलीय | निर्दलीय | 3370.5% |
| 9 | नवल किशोर सिन्हा | 2790.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.06 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कुढ़नी से कौन जीता, 1967–1972
SOP ने यह सीट PSP से छीन ली, जिसने इसे 1969 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1967 से शुरू होता है, यह SOP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1969 के 68.2% से घटकर 63.9% रह गया।