रामगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, फ़रवरी 2005
जगदानंद सिंह (RJD) ने फ़रवरी 2005 के विधान सभा चुनाव में 50.7% वोट पाकर रामगढ़ सीट जीती और इसरार खान (BSP) को 24,517 वोटों से हराया।
झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2000 में सीट नंबर 210 मनेर थी। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 210 दिनारा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — जगदानंद सिंह 22.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जगदानंद सिंह | 56,58250.7% | |
| 2 | इसरार खान | 32,06528.7% | |
| 3 | परशुराम तिवारी | 9,1868.2% | |
| 4 | विजय लाल सिंह SSD | SSD | 5,1254.6% |
| 5 | सुभाष सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1892.9% |
| 6 | अजय कुमार सिंह NDA | NDA | 2,7782.5% |
| 7 | डॉ. प्रभावती सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7001.5% |
| 8 | रामकरण बिन्द PMSP | PMSP | 1,0110.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
RJD, BSP और LJP को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.86 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रामगढ़ से कौन जीता, 2005
इसके बाद 2005 (अक्टूबर) के चुनाव में भी RJD ने यह सीट अपने पास रखी।
- 2005 (फ़रवरी)जगदानंद सिंह (RJD), जीत का अंतर 22.0%
- 2005 (अक्टूबर)जगदानन्द सिंह (RJD), जीत का अंतर 20.5%