मांझीविधान सभा चुनाव का परिणाम, फ़रवरी 2005
गौतम सिंह (JD(U)) ने फ़रवरी 2005 के विधान सभा चुनाव में 29.7% वोट पाकर मांझी सीट जीती और रबीन्द्र नाथ मिश्रा (INC) को 5,157 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 35 बैकुंठपुर थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 35 बिस्फी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
18 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गौतम सिंह NDA | NDA | 26,34929.7% |
| 2 | रबीन्द्र नाथ मिश्रा | 21,19223.9% | |
| 3 | बुधन प्रसाद यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 15,61917.6% |
| 4 | मालती सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5,9856.8% |
| 5 | ओम प्रकाश सिंह SJP(R) | SJP(R) | 3,3673.8% |
| 6 | सुदामा तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4082.7% |
| 7 | संजय कुमार यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3542.7% |
| 8 | शोभा राम | 1,9432.2% | |
| 9 | सुदय राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8092.0% |
| 10 | हरेश यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2921.5% |
| 11 | उषा मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2661.4% |
| 12 | शारदा नन्द सिंह | 1,0051.1% | |
| 13 | सूर्यमुखी देवी AD | AD | 9671.1% |
| 14 | प्रमोद कुमार राम निर्दलीय | निर्दलीय | 8971.0% |
| 15 | कौशलेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7460.8% |
| 16 | विद्याशंकर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5640.6% |
| 17 | मनोज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4610.5% |
| 18 | लाल बाबू चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 4420.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.38 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मांझी से कौन जीता, 1977–2005
JD(U) ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 2000 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD(U) की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 2000 के 64.9% से घटकर 45.9% रह गया। इसके बाद 2005 (अक्टूबर) के चुनाव में भी JD(U) ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977राम बहादुर सिंह (JNP), जीत का अंतर 47.5%
- 1980रामेश्वर दत्त शर्मा (INC(I)), जीत का अंतर 0.7%
- 1985बुधन प्रसाद यादव (IND), जीत का अंतर 9.2%
- 1990हजारी सिंह (JD), जीत का अंतर 15.5%
- 1995बुधन प्रसाद यादव (INC), जीत का अंतर 17.3%
- 2000रविन्द्र नाथ मिश्रा (IND), जीत का अंतर 5.7%
- 2005 (फ़रवरी)गौतम सिंह (JD(U)), जीत का अंतर 5.8%
- 2005 (अक्टूबर)गौतम सिंह (JD(U)), जीत का अंतर 1.5%