सिकटाविधान सभा चुनाव का परिणाम, फ़रवरी 2005
दिलीप वर्मा (SP) ने फ़रवरी 2005 के विधान सभा चुनाव में 27.4% वोट पाकर सिकटा सीट जीती और खुर्शीद आलम उर्फ़ फ़िरोज़ आलम (निर्दलीय) को 6,657 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 5 का नाम सिकटा था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 5 लौरिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
16 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दिलीप वर्मा | 26,16127.4% | |
| 2 | खुर्शीद आलम उर्फ़ फ़िरोज़ आलम निर्दलीय | निर्दलीय | 19,50420.4% |
| 3 | प्रेम सागर प्रसाद NDA | NDA | 11,67212.2% |
| 4 | हसीना खातून | 8,8649.3% | |
| 5 | सुनील कुमार राव CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 8,0018.4% |
| 6 | कृष्ण प्रसाद | 5,1835.4% | |
| 7 | शफीउद्दीन उर्फ़ टेनी | 4,4024.6% | |
| 8 | हरेन्द्र पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1333.3% |
| 9 | लाल बाबू प्रसाद | 2,0882.2% | |
| 10 | खुर्शीद आलम | 1,7571.8% | |
| 11 | सुरेश पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0421.1% |
| 12 | इन्द्र देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0311.1% |
| 13 | अजय कुमार मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 9751.0% |
| 14 | अकबर मियाँ निर्दलीय | निर्दलीय | 7040.7% |
| 15 | शम्भू प्रसाद यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 5750.6% |
| 16 | मुखलाल पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 4400.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 60% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.47 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिकटा से कौन जीता, 1977–2005
SP ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 2000 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह SP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2000 के 60.7% से घटकर 51.5% रह गया। इसके बाद 2005 (अक्टूबर) के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1977फैयाजुल आज़म (INC), जीत का अंतर 39.2%
- 1980धर्मेश प्रसाद वर्मा (JNP(JP)), जीत का अंतर 16.6%
- 1985धर्मेश प्रसाद वर्मा (JNP), जीत का अंतर 22.1%
- 1990फैयाजुल आज़म (IND), जीत का अंतर 8.4%
- 1995दिलीप वर्मा (CVP), जीत का अंतर 18.7%
- 2000दिलीप कु. वर्मा (BJP), जीत का अंतर 25.4%
- 2005 (फ़रवरी)दिलीप वर्मा (SP), जीत का अंतर 7.0%
- 2005 (अक्टूबर)खुर्शीद उर्फ़ फ़िरोज़ आलम (INC), जीत का अंतर 7.2%