सिकटाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
फैयाजुल आज़म (निर्दलीय) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 28.8% वोट पाकर सिकटा सीट जीती और दिलीप कुमार (JD) को 6,947 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 5 का नाम सिकटा था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 5 लौरिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | फैयाजुल आज़म निर्दलीय | निर्दलीय | 23,88328.8% |
| 2 | दिलीप कुमार राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 16,93620.4% |
| 3 | कोमल वर्मा | 12,85015.5% | |
| 4 | शरत प्रसाद UCPI | UCPI | 10,22512.3% |
| 5 | सारडा बहादुर राय JNP(JP) | JNP(JP) | 7,9529.6% |
| 6 | जनक प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8713.5% |
| 7 | हरीश चन्द कुमार साह ICS(SCS) | ICS(SCS) | 2,5623.1% |
| 8 | राम बहादुर गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8862.3% |
| 9 | कृत एन. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8941.1% |
| 10 | शरत साह BBP | BBP | 7710.9% |
| 11 | बासुदेव महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 3970.5% |
| 12 | बीरेन्द्र प्रसाद राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3060.4% |
| 13 | सूरत नारायण | 2410.3% | |
| 14 | एस.एम. चौधरी LKD(B) | LKD(B) | 2250.3% |
| 15 | शिवाजी आर्य ABJS | ABJS | 1810.2% |
| 16 | सहदेव दिसवा निर्दलीय | निर्दलीय | 1670.2% |
| 17 | हरि शंकर ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 1530.2% |
| 18 | हजरत देवान निर्दलीय | निर्दलीय | 1500.2% |
| 19 | सेख लाल मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 1490.2% |
| 20 | सुग्रीव भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 1310.2% |
| 21 | सदहाय आलम निर्दलीय | निर्दलीय | 1130.1% |
| 22 | शाहिद मियाँ निर्दलीय | निर्दलीय | 140.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 65% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.70 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिकटा से कौन जीता, 1977–2005
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 60.6% से घटकर 57.3% रह गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट CVP ने जीती।
- 1977फैयाजुल आज़म (INC), जीत का अंतर 39.2%
- 1980धर्मेश प्रसाद वर्मा (JNP(JP)), जीत का अंतर 16.6%
- 1985धर्मेश प्रसाद वर्मा (JNP), जीत का अंतर 22.1%
- 1990फैयाजुल आज़म (IND), जीत का अंतर 8.4%
- 1995दिलीप वर्मा (CVP), जीत का अंतर 18.7%
- 2000दिलीप कु. वर्मा (BJP), जीत का अंतर 25.4%
- 2005 (फ़रवरी)दिलीप वर्मा (SP), जीत का अंतर 7.0%
- 2005 (अक्टूबर)खुर्शीद उर्फ़ फ़िरोज़ आलम (INC), जीत का अंतर 7.2%