लौरियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, फ़रवरी 2005
प्रदीप सिंह (JD(U)) ने फ़रवरी 2005 के विधान सभा चुनाव में 22.7% वोट पाकर लौरिया सीट जीती और शम्भू तिवारी (BSP) को 54 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 6 का नाम लौरिया था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 6 नौतन है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
लौरिया का फ़ैसला सिर्फ़ 0.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 54 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रदीप सिंह NDA | NDA | 21,77522.7% |
| 2 | शम्भू तिवारी | 21,72122.7% | |
| 3 | विनय बिहारी | 17,90918.7% | |
| 4 | विश्व मोहन शर्मा | 12,27112.8% | |
| 5 | महम्मद गाजी निर्दलीय | निर्दलीय | 11,41111.9% |
| 6 | मोहम्मद जावेद | 2,9313.1% | |
| 7 | रण विजय शाही निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3792.5% |
| 8 | सुदामा बैठा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5381.6% |
| 9 | दिनेश साह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5141.6% |
| 10 | अजय यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2691.3% |
| 11 | विजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0921.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 64% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.85 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लौरिया से कौन जीता, 1977–2005
JD(U) ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2000 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD(U) की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2000 के 56.6% से घटकर 50.9% रह गया। इसके बाद 2005 (अक्टूबर) के चुनाव में भी JD(U) ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977विश्व मोहन शर्मा (INC), जीत का अंतर 18.6%
- 1980विश्वमोहन शर्मा (INC(I)), जीत का अंतर 31.5%
- 1985विश्व मोहन शर्मा (INC), जीत का अंतर 31.6%
- 1990रण विजय शाही (JD), जीत का अंतर 12.2%
- 1995रण विजय शाही (JD), जीत का अंतर 6.9%
- 2000विश्व मोहन शर्मा (INC), जीत का अंतर 16.0%
- 2005 (फ़रवरी)प्रदीप सिंह (JD(U)), जीत का अंतर 0.1%
- 2005 (अक्टूबर)प्रदीप सिंह (JD(U)), जीत का अंतर 2.1%