लौरियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
रण विजय शाही (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 41.7% वोट पाकर लौरिया सीट जीती और विश्व मोहन शर्मा (INC) को 6,396 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 6 का नाम लौरिया था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 6 नौतन है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
21 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रण विजय शाही जनता दल | जनता दल | 38,77841.7% |
| 2 | विश्व मोहन शर्मा | 32,38234.8% | |
| 3 | धर्मेश प्रसाद वर्मा SJP(R) | SJP(R) | 4,1194.4% |
| 4 | पारस प्रसाद यादव | 3,0363.3% | |
| 5 | एजाज़ अहमद | 2,5132.7% | |
| 6 | मंसूर अहमद शाही | 2,2872.5% | |
| 7 | ओबैक रहमान शेख CVP | CVP | 1,6091.7% |
| 8 | रमाकांत प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4161.5% |
| 9 | गर्जन यादव समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 1,4071.5% |
| 10 | योगेन्द्र शर्मा BPP | BPP | 1,3191.4% |
| 11 | लालेश्वर निषाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2941.4% |
| 12 | ठाकुर प्रसाद | 1,0941.2% | |
| 13 | नगीना यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 4860.5% |
| 14 | गजेन्द्र प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 4220.5% |
| 15 | सहाबुद्दीन शेख निर्दलीय | निर्दलीय | 1930.2% |
| 16 | बच्चा प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1930.2% |
| 17 | यादोलाल साह निर्दलीय | निर्दलीय | 1620.2% |
| 18 | भोला साह निर्दलीय | निर्दलीय | 1040.1% |
| 19 | महाबीर राम निर्दलीय | निर्दलीय | 970.1% |
| 20 | उमा शंकर तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 850.1% |
| 21 | अशर्फी यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.33 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लौरिया से कौन जीता, 1977–2005
JD ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.9% से घटकर 41.7% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 53.9% से बढ़कर 57.3% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1977विश्व मोहन शर्मा (INC), जीत का अंतर 18.6%
- 1980विश्वमोहन शर्मा (INC(I)), जीत का अंतर 31.5%
- 1985विश्व मोहन शर्मा (INC), जीत का अंतर 31.6%
- 1990रण विजय शाही (JD), जीत का अंतर 12.2%
- 1995रण विजय शाही (JD), जीत का अंतर 6.9%
- 2000विश्व मोहन शर्मा (INC), जीत का अंतर 16.0%
- 2005 (फ़रवरी)प्रदीप सिंह (JD(U)), जीत का अंतर 0.1%
- 2005 (अक्टूबर)प्रदीप सिंह (JD(U)), जीत का अंतर 2.1%