बिस्फीविधान सभा चुनाव का परिणाम, फ़रवरी 2005
हरिभूषण ठाकुर (निर्दलीय) ने फ़रवरी 2005 के विधान सभा चुनाव में 20.7% वोट पाकर बिस्फी सीट जीती और मो. अहमर हसन (INC) को 1,469 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 74 पुपरी थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 74 सोनबरसा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बिस्फी का फ़ैसला सिर्फ़ 1.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,469 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरिभूषण ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 17,94220.7% |
| 2 | मो. अहमर हसन | 16,47319.0% | |
| 3 | मनोज कुमार यादव NDA | NDA | 13,54615.6% |
| 4 | सूर्य एन. सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 7,5338.7% |
| 5 | कमरुल होदा निर्दलीय | निर्दलीय | 6,3157.3% |
| 6 | अब्दुस सलाम निर्दलीय | निर्दलीय | 4,1794.8% |
| 7 | मो. जियाउद्दीन | 3,2313.7% | |
| 8 | राम चन्द्र यादव KSVP | KSVP | 3,2083.7% |
| 9 | मो. शहाबउददीन निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5402.9% |
| 10 | आशा देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0342.3% |
| 11 | शिव शंकर यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6191.9% |
| 12 | श्वेताम्बर यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6011.8% |
| 13 | बिंदेश्वर महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0541.2% |
| 14 | प्रो. लाल बाबू यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 9481.1% |
| 15 | रुदल पूर्वे निर्दलीय | निर्दलीय | 9211.1% |
| 16 | ईफतेखार जिलानी | 7950.9% | |
| 17 | राजिंदर प्रसाद यादव CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 7400.9% |
| 18 | मो. अमानुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 6920.8% |
| 19 | मो. असरफ अली निर्दलीय | निर्दलीय | 6510.8% |
| 20 | शत्रुधन राम | 6460.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 55% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 8.05 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिस्फी से कौन जीता, 1977–2005
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2000 में जीता था। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2000 के 63.8% से घटकर 41.4% रह गया। इसके बाद 2005 (अक्टूबर) के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1977राज कुमार पूर्वे (CPI), जीत का अंतर 26.1%
- 1980राजकुमार पूर्वे (CPI), जीत का अंतर 7.1%
- 1985सकील अहमद (INC), जीत का अंतर 26.9%
- 1990शकील अहमद (INC), जीत का अंतर 21.6%
- 1995रामचंद्र यादव (CPI), जीत का अंतर 15.6%
- 2000डॉ. शकील अहमद (INC), जीत का अंतर 10.2%
- 2005 (फ़रवरी)हरिभूषण ठाकुर (IND), जीत का अंतर 1.7%
- 2005 (अक्टूबर)हरि भूषण ठाकुर (IND), जीत का अंतर 8.3%