किशनगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, फ़रवरी 2005
अख्तरुल ईमान (RJD) ने फ़रवरी 2005 के विधान सभा चुनाव में 28.6% वोट पाकर किशनगंज सीट जीती और संजीव कुमार यादव (BJP) को 2,004 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 135 आजमनगर थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 135 मोरवा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
किशनगंज का फ़ैसला सिर्फ़ 1.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 2,004 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
15 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अख्तरुल ईमान | 35,22028.6% | |
| 2 | संजीव कुमार यादव NDA | NDA | 33,21627.0% |
| 3 | मो. मुस्ताक मुन्ना | 19,24115.6% | |
| 4 | मो. इजहार आसफ़ी निर्दलीय | निर्दलीय | 9,1947.5% |
| 5 | इसरिल | 7,2675.9% | |
| 6 | मो. कलीमुद्दीन | 4,3843.6% | |
| 7 | मसरूर आलम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8462.3% |
| 8 | नौशाद हैदर NBNP | NBNP | 2,2201.8% |
| 9 | माधव प्रसाद मोदी | 2,0071.6% | |
| 10 | इन्द्रदेव पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6081.3% |
| 11 | कमरुज्जमा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5331.2% |
| 12 | अबुल कलाम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3191.1% |
| 13 | प्रवीण कुमार पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1670.9% |
| 14 | गोवर्धन प्रसाद यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 9010.7% |
| 15 | नूरुल आलम निर्दलीय | निर्दलीय | 8260.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.22 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
किशनगंज से कौन जीता, 1977–2005
RJD ने 2000 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 31.0% से घटकर 28.6% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2000 के 58.7% से घटकर 52.7% रह गया। इसके बाद 2005 (अक्टूबर) के चुनाव में भी RJD ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977रफ़ीक़ी आलम (INC), जीत का अंतर 21.6%
- 1980मो. मुश्ताक (JNP(SC)), जीत का अंतर 12.6%
- 1985मो. मुश्ताक (LKD), जीत का अंतर 14.4%
- 1990मो. मुश्ताक मुन्ना (JD), जीत का अंतर 19.5%
- 1995रफीक आलम (INC), जीत का अंतर 9.7%
- 2000तस्लीम उद्दीन (RJD), जीत का अंतर 11.7%
- 2005 (फ़रवरी)अख्तरुल ईमान (RJD), जीत का अंतर 1.6%
- 2005 (अक्टूबर)अख़्तरुल ईमान (RJD), जीत का अंतर 7.0%