हिलसाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
वैजू प्रसाद (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 41.9% वोट पाकर हिलसा सीट जीती और राम नरेश सिंह (SAP) को 4,900 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 198 राजगीर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 198 आरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। वैजू प्रसाद 3.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
31 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वैजू प्रसाद जनता दल | जनता दल | 53,91141.9% |
| 2 | राम नरेश सिंह | 49,01138.0% | |
| 3 | अरविन्द कुमार CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 10,2808.0% |
| 4 | अविनाश शर्मा | 6,9985.4% | |
| 5 | नगीना प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3371.8% |
| 6 | वृजनंदन विंद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4411.1% |
| 7 | गोपाल प्रसाद | 1,2431.0% | |
| 8 | वशिष्ठ कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 8060.6% |
| 9 | उदय शंकर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2360.2% |
| 10 | सबजीत कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2230.2% |
| 11 | बुंदी रविदास निर्दलीय | निर्दलीय | 2120.2% |
| 12 | दिलीप मोची निर्दलीय | निर्दलीय | 2050.2% |
| 13 | उमा शंकर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1760.1% |
| 14 | पुरूषोत्तम शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1640.1% |
| 15 | चंद्रमणि कुमार मणि निर्दलीय | निर्दलीय | 1410.1% |
| 16 | प्रमोद कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1190.1% |
| 17 | कुमार राज मनोरंजन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1180.1% |
| 18 | भागवत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1170.1% |
| 19 | उषा देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 1160.1% |
| 20 | अंजनी कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1120.1% |
| 21 | भूषण प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1120.1% |
| 22 | मोहन पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 1090.1% |
| 23 | शैलेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 990.1% |
| 24 | सरंधर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 860.1% |
| 25 | सुभाष सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 820.1% |
| 26 | सुनील कुमार सिंह BPP | BPP | 710.1% |
| 27 | अहसन खान निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
| 28 | ब्रह्मदेव पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 670.1% |
| 29 | सुरेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 630.1% |
| 30 | उषा प्रसाद | 540.0% | |
| 31 | बुधन राम निर्दलीय | निर्दलीय | 330.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.03 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हिलसा से कौन जीता, 1977–2000
JD ने यह सीट IPF से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 69.1% से बढ़कर 71.3% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट SAP ने जीती।