हिलसाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
किशनदेव सिंह यादव (IPF) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 24.6% वोट पाकर हिलसा सीट जीती और गोपाल प्रसाद (JD) को 5,777 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 198 राजगीर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 198 आरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। किशनदेव सिंह यादव 4.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
29 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | किशनदेव सिंह यादव IPF | IPF | 29,90224.6% |
| 2 | गोपाल प्रसाद राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 24,12519.9% |
| 3 | अविनाश शर्मा | 19,31615.9% | |
| 4 | सुरेन्द्र प्रसाद तरुण | 10,9069.0% | |
| 5 | रबीन्द्र प्रसाद वाम दल | वाम दल | 9,5197.8% |
| 6 | जगदेव दाश JNP(JP) | JNP(JP) | 7,3596.1% |
| 7 | नगीना प्रसाद ICS(SCS) | ICS(SCS) | 6,1105.0% |
| 8 | गोविन्द प्रसाद वाम दल | वाम दल | 3,2592.7% |
| 9 | मो. आशिक़ हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3101.9% |
| 10 | रामाशीष पासवान | 1,9641.6% | |
| 11 | मातंग जमादार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4961.2% |
| 12 | शैलेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 9230.8% |
| 13 | अनिल प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 8780.7% |
| 14 | जगदीश प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 7010.6% |
| 15 | अरुण कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4210.3% |
| 16 | रजनीश गांधी निर्दलीय | निर्दलीय | 4070.3% |
| 17 | सुरेश चन्द्र यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 3080.3% |
| 18 | राजदेव प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2500.2% |
| 19 | मंगल डोम निर्दलीय | निर्दलीय | 2410.2% |
| 20 | भूषण प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2190.2% |
| 21 | अमरेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1940.2% |
| 22 | कामेश्वर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1530.1% |
| 23 | नन्द किशोर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.1% |
| 24 | शैलेन्द्र कुमार सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.1% |
| 25 | सारंगधर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 920.1% |
| 26 | अरविन्द कुमार यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 500.0% |
| 27 | रघुनंदन महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 450.0% |
| 28 | एन. कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 360.0% |
| 29 | उमाशंकर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 330.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 60% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.78 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हिलसा से कौन जीता, 1977–2000
IPF ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह IPF की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 64.6% से बढ़कर 69.1% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।