चकाईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
फाल्गुनी प्रसाद यादव (BJP) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 35.8% वोट पाकर चकाई सीट जीती और नरेन्द्र सिंह (JD) को 3,193 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 177 जमालपुर थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 177 राजगीर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। फाल्गुनी प्रसाद यादव 3.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
29 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | फाल्गुनी प्रसाद यादव | 34,65835.8% | |
| 2 | नरेन्द्र सिंह जनता दल | जनता दल | 31,46532.5% |
| 3 | ओंकार नाथ बरनवाल JMM(S) | JMM(S) | 11,39411.8% |
| 4 | रुवी सिंह समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 6,7767.0% |
| 5 | धनराज सिंह BPP | BPP | 4,5434.7% |
| 6 | राजेश प्रसाद SJP(R) | SJP(R) | 1,6841.7% |
| 7 | मिथिलेश सिंह | 1,5321.6% | |
| 8 | मोहन सिंह | 9180.9% | |
| 9 | निरंजन झा निर्दलीय | निर्दलीय | 7350.8% |
| 10 | भुनेश्वर सिंह | 4320.5% | |
| 11 | राजेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3240.3% |
| 12 | ब्रह्मदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3020.3% |
| 13 | इंद्रदेव प्रसाद बरनवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2620.3% |
| 14 | मोती मुर्मू निर्दलीय | निर्दलीय | 2620.3% |
| 15 | राम किशोर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2070.2% |
| 16 | गोवर्धन लाल रत्नाकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1350.1% |
| 17 | कलेश्वर प्रसाद दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1270.1% |
| 18 | रामानुज सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1220.1% |
| 19 | अशोक सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.1% |
| 20 | मथुरा यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.1% |
| 21 | नन्द किशोर पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 1000.1% |
| 22 | लियाकत मियां निर्दलीय | निर्दलीय | 940.1% |
| 23 | अशोक कुमार दुबे निर्दलीय | निर्दलीय | 880.1% |
| 24 | लाल मोहन शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 880.1% |
| 25 | देवेन्द्र प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 740.1% |
| 26 | अनिल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 710.1% |
| 27 | साद भवानी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 670.1% |
| 28 | शम्भु प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 500.1% |
| 29 | शंकर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 430.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.91 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चकाई से कौन जीता, 1977–2000
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1980 में जीत दर्ज की थी। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 67.2% से घटकर 54.7% रह गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।