परबत्ताविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
विद्या सागर निषाद (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 30.6% वोट पाकर परबत्ता सीट जीती और परमानंद नन्द चौधरी (INC) को 12,887 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 181 का नाम परबत्ता था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 181 चंडी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
30 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विद्या सागर निषाद जनता दल | जनता दल | 35,72630.6% |
| 2 | परमानंद नन्द चौधरी | 22,83919.6% | |
| 3 | रामा नन्द प्रसाद सिंह | 19,41716.6% | |
| 4 | सतीश प्रसाद सिंह | 15,64513.4% | |
| 5 | बिशेश्वर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 9,4228.1% |
| 6 | नईम अख्तर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3912.0% |
| 7 | वकील प्रसाद यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2461.9% |
| 8 | बलराम मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0050.9% |
| 9 | प्रमोद प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8780.8% |
| 10 | प्रभु कुमार खेतान BPP | BPP | 8660.7% |
| 11 | जयंती देवी समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 7460.6% |
| 12 | चन्द्र शेखर शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 6720.6% |
| 13 | मुकेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 5910.5% |
| 14 | जागेश्वर सिंह भूदानी निर्दलीय | निर्दलीय | 5380.5% |
| 15 | महानंद शर्मा SJP(R) | SJP(R) | 5330.5% |
| 16 | सुभाष सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4110.3% |
| 17 | कमल के. सिंह पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 3800.3% |
| 18 | सुभाष यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 3720.3% |
| 19 | मनोज कुमार मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 3380.3% |
| 20 | महेन्द्र प्रसाद चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 3370.3% |
| 21 | इस्लाम निर्दलीय | निर्दलीय | 2810.2% |
| 22 | कृष्णदेव दास निर्दलीय | निर्दलीय | 2210.2% |
| 23 | कलावती देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 1620.1% |
| 24 | भगवान साह निर्दलीय | निर्दलीय | 1310.1% |
| 25 | माजू देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 1110.1% |
| 26 | सुधीर मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 1070.1% |
| 27 | सत्य नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1070.1% |
| 28 | मनोज खेतान निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.1% |
| 29 | शिवेन्द्र प्रसाद यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 980.1% |
| 30 | अरुण कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 570.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 67% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.40 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
परबत्ता से कौन जीता, 1977–2000
JD ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 28.8% से बढ़कर 30.6% हो गया। मतदान प्रतिशत 1990 के 63.0% से बढ़कर 64.9% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट RJD ने जीती।