फुलवारीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
श्याम रजक (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 43.2% वोट पाकर फुलवारी सीट जीती और संजीव प्रसाद टोनी (INC) को 24,319 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 211 संदेश थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 211 मोहनिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — श्याम रजक 18.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
27 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | श्याम रजक जनता दल | जनता दल | 57,03543.2% |
| 2 | संजीव प्रसाद टोनी | 32,71624.8% | |
| 3 | चन्द्र गुप्ता चौधरी | 15,63211.8% | |
| 4 | विद्या नन्द विकल CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 14,80911.2% |
| 5 | ललन कुमार अम्बेडकर | 4,2983.3% | |
| 6 | राम चन्द्र चौधरी BPP | BPP | 1,4671.1% |
| 7 | सत्येन्द्र पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 6400.5% |
| 8 | रामजी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 5280.4% |
| 9 | राम अबरिक्षा राय निर्दलीय | निर्दलीय | 4740.4% |
| 10 | महेन्द्र पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 4390.3% |
| 11 | श्रीभगवान पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 4290.3% |
| 12 | राजू रजक निर्दलीय | निर्दलीय | 3600.3% |
| 13 | श्याम चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 3480.3% |
| 14 | बृजनंदन पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 3430.3% |
| 15 | विष्णु पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 3410.3% |
| 16 | परमेश्वर कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3180.2% |
| 17 | मनोज कुमार आजाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2530.2% |
| 18 | कुलमंती देवी | 2440.2% | |
| 19 | प्रकाश कुमार दास निर्दलीय | निर्दलीय | 2330.2% |
| 20 | वैजनाथ चौधरी | 2270.2% | |
| 21 | विजय कुमार रविदास निर्दलीय | निर्दलीय | 1890.1% |
| 22 | मनोहर चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1690.1% |
| 23 | ब्रह्मदेव चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1230.1% |
| 24 | दीनानाथ चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1090.1% |
| 25 | सुनील पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 920.1% |
| 26 | सुदर्शन प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 860.1% |
| 27 | अकाल पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 660.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.62 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फुलवारी से कौन जीता, 1977–2000
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1990 के 54.3% से बढ़कर 58.4% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट RJD ने जीती।