फुलवारीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
संजीव प्रसाद टोनी (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 28.2% वोट पाकर फुलवारी सीट जीती और दशरथ पासवान (CPI) को 2,139 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 211 संदेश थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 211 मोहनिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। संजीव प्रसाद टोनी 2.7% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | संजीव प्रसाद टोनी | 22,17628.2% | |
| 2 | दशरथ पासवान वाम दल | वाम दल | 20,03725.5% |
| 3 | रामेश्वर पासवान JNP(SC) | JNP(SC) | 16,59321.1% |
| 4 | मुगेरी लाल | 11,40114.5% | |
| 5 | तूफ़ानी राम | 5,2276.7% | |
| 6 | राम बालक भुईयां निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5402.0% |
| 7 | राम चन्द्र राम JNP(SR) | JNP(SR) | 9191.2% |
| 8 | दशरथ राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4160.5% |
| 9 | लक्ष्मण पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 3040.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 75% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.65 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फुलवारी से कौन जीता, 1977–2000
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 55.3% से बढ़कर 56.9% हो गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।