बरौनीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
राजेन्द्र प्रसाद सिंह (CPI) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 47.7% वोट पाकर बरौनी सीट जीती और राम लखन सिंह (BJP) को 30,919 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 106 किशनपुर थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 106 जीरादेई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — राजेन्द्र प्रसाद सिंह 25.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
18 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजेन्द्र प्रसाद सिंह वाम दल | वाम दल | 57,37947.7% |
| 2 | राम लखन सिंह | 26,46022.0% | |
| 3 | नन्द किशोर सिंह | 24,69920.5% | |
| 4 | धर्मेन्द्र कुमार | 6,4135.3% | |
| 5 | गयासुद्दीन अंसारी समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 2,2711.9% |
| 6 | कुमुद सिंह BPP | BPP | 5680.5% |
| 7 | नेजामुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 5670.5% |
| 8 | सीताराम पंडित निर्दलीय | निर्दलीय | 3650.3% |
| 9 | शैलेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2620.2% |
| 10 | कमला देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 2300.2% |
| 11 | प्रमोद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1770.1% |
| 12 | रमेश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1770.1% |
| 13 | चंद्रजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1650.1% |
| 14 | सुधा देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 1630.1% |
| 15 | ललन कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1250.1% |
| 16 | आसिफ मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 880.1% |
| 17 | अशोक कुमार पाठक निर्दलीय | निर्दलीय | 850.1% |
| 18 | प्रभु नारायण गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 410.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बरौनी से कौन जीता, 1977–2005
1977 से यहाँ हर चुनाव CPI ने जीता है: यह लगातार उसकी पाँचवीं जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 47.1% से बढ़कर 47.7% हो गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1990 के 55.6% से बढ़कर 64.4% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में भी CPI ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977सूर्यनरायण सिंह (CPI), जीत का अंतर 42.0%
- 1980रामेश्वर सिंह (CPI), जीत का अंतर 7.9%
- 1985शकुन्तला सिन्हा (CPI), जीत का अंतर 5.8%
- 1990शिवदानी सिंह (CPI), जीत का अंतर 12.4%
- 1995राजेन्द्र प्रसाद सिंह (CPI), जीत का अंतर 25.7%
- 2000राजेन्द्र प्रसाद सिंह (CPI), जीत का अंतर 5.2%
- 2005 (फ़रवरी)राजेन्द्र प्रसाद सिंह (CPI), जीत का अंतर 4.8%
- 2005 (अक्टूबर)राजेन्द्र प्रसाद सिंह (CPI), जीत का अंतर 5.2%