सिकन्दराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
प्रयाग चौधरी (CPI) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 43.3% वोट पाकर सिकन्दरा सीट जीती और रामेश्वर पासवान (INC) को 14,155 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 189 बरौनी थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 189 पटना मध्य है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रयाग चौधरी वाम दल | वाम दल | 45,55443.3% |
| 2 | रामेश्वर पासवान | 31,39929.8% | |
| 3 | शिवशंकर चौधरी | 13,96713.3% | |
| 4 | मती माधुरी देवी | 4,9914.7% | |
| 5 | ब्रह्मदेव आजाद BPP | BPP | 2,5672.4% |
| 6 | शिव लाल पासवान | 2,0101.9% | |
| 7 | मुन्शी रविदास SJP(R) | SJP(R) | 1,1201.1% |
| 8 | कैलाश रविदास निर्दलीय | निर्दलीय | 6500.6% |
| 9 | शिव शंकर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 5930.6% |
| 10 | योगी पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 4490.4% |
| 11 | राजेश कुमार दास निर्दलीय | निर्दलीय | 3590.3% |
| 12 | चौबे लाल दास समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 3490.3% |
| 13 | दुखित नारायण रविदास निर्दलीय | निर्दलीय | 1970.2% |
| 14 | अर्जुन रविदास निर्दलीय | निर्दलीय | 1920.2% |
| 15 | विश्वनाथ चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1820.2% |
| 16 | देवकी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1480.1% |
| 17 | जमुना रजक निर्दलीय | निर्दलीय | 1250.1% |
| 18 | कृष्ण दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1200.1% |
| 19 | सुबोध पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 1020.1% |
| 20 | शैल रानी देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 1000.1% |
| 21 | अनिल चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 520.1% |
| 22 | अजय तारा निर्दलीय | निर्दलीय | 440.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.36 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिकन्दरा से कौन जीता, 1977–2000
CPI ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 56.1% से घटकर 43.3% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 66.6% से घटकर 53.7% रह गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट KSP ने जीती।