सिकन्दराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
रामेश्वर पासवान (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 54.8% वोट पाकर सिकन्दरा सीट जीती और भोला मांझी (CPI) को 12,635 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 189 बरौनी थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 189 पटना मध्य है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रामेश्वर पासवान | 49,23354.8% | |
| 2 | भोला मांझी वाम दल | वाम दल | 36,59840.7% |
| 3 | बैजनाथ चौधरी वाम दल | वाम दल | 2,2062.5% |
| 4 | बाल्मीकि पास | 6420.7% | |
| 5 | राम लखन पासवान जनता | जनता | 5840.7% |
| 6 | अशोक रजक Lok Dal | Lok Dal | 1900.2% |
| 7 | नगीना चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1390.1% |
| 8 | निकेतन कहार निर्दलीय | निर्दलीय | 1340.1% |
| 9 | धर्म पाल पद निर्दलीय | निर्दलीय | 1010.1% |
| 10 | रणबीर पास निर्दलीय | निर्दलीय | 1000.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और CPI को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिकन्दरा से कौन जीता, 1977–2000
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 67.0% से घटकर 62.7% रह गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट CPI ने जीती।