राजगीरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
सत्यदेव नारायण आर्य (BJP) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 38.2% वोट पाकर राजगीर सीट जीती और चन्द्रदेव प्रसाद हिमांशु (CPI) को 4,833 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 195 बिहार थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 195 पालीगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। सत्यदेव नारायण आर्य 4.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
27 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सत्यदेव नारायण आर्य | 45,54838.2% | |
| 2 | चन्द्रदेव प्रसाद हिमांशु वाम दल | वाम दल | 40,71534.1% |
| 3 | सुरेश पासवान | 22,85319.1% | |
| 4 | अशोक राजबंसी निर्दलीय | निर्दलीय | 4,9094.1% |
| 5 | राजेन्द्र प्रसाद ज्योति | 1,1771.0% | |
| 6 | यदुनंदन प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 6630.6% |
| 7 | धन्नु प्रसाद चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 4330.4% |
| 8 | दिलीप पासवान BPP | BPP | 4130.3% |
| 9 | बांके लाल चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 3310.3% |
| 10 | सुरेश रविदास निर्दलीय | निर्दलीय | 2440.2% |
| 11 | जगदीश दास निर्दलीय | निर्दलीय | 2280.2% |
| 12 | मिथिला सरन निर्दलीय | निर्दलीय | 1930.2% |
| 13 | बालेश्वर मांझी निर्दलीय | निर्दलीय | 1870.2% |
| 14 | अजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1750.1% |
| 15 | नरेश प्रसाद रजक निर्दलीय | निर्दलीय | 1560.1% |
| 16 | जागेश्वर रविदास निर्दलीय | निर्दलीय | 1490.1% |
| 17 | राजेन्द्र राजबंसी निर्दलीय | निर्दलीय | 1290.1% |
| 18 | जागो पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 1220.1% |
| 19 | राम धारी दास CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 1120.1% |
| 20 | छोटेलाल राजबंसी निर्दलीय | निर्दलीय | 1100.1% |
| 21 | राम नरेश पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 940.1% |
| 22 | बलदेव दास निर्दलीय | निर्दलीय | 940.1% |
| 23 | कृष्णनंदन पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 800.1% |
| 24 | जगदीश प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 660.1% |
| 25 | जय प्रकाश पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 650.1% |
| 26 | हरि रजवार निर्दलीय | निर्दलीय | 570.1% |
| 27 | रामानंद चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 420.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.33 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
राजगीर से कौन जीता, 1977–2000
BJP ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 67.4% से घटकर 63.5% रह गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।