बिहारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
वीरेन्द्र प्रसाद (BJS) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 44.0% वोट पाकर बिहार सीट जीती और विजो कुमार यादव (CPI) को 3,955 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 195 बिहार दक्षिण थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 195 राजगीर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वीरेन्द्र प्रसाद महागठबंधन | महागठबंधन | 31,16844.0% |
| 2 | विजो कुमार यादव वाम दल | वाम दल | 27,21338.5% |
| 3 | एम. ए. मंजूर | 3,5565.0% | |
| 4 | मो. फकुरुद्दीन | 3,2284.6% | |
| 5 | राम कृष्ण प्रसाद | 1,5712.2% | |
| 6 | अनवारुल हसन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3932.0% |
| 7 | रामदेव राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1471.6% |
| 8 | कैलाश प्रसाद BCP | BCP | 4820.7% |
| 9 | बरहम देव कुमार | 4760.7% | |
| 10 | नसीम अहमद खान निर्दलीय | निर्दलीय | 3570.5% |
| 11 | महंत भुनेश्वर पुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1630.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJS, CPI और NCO को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.87 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिहार से कौन जीता, 1967–1972
BJS ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1969 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1967 से शुरू होता है, यह BJS की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1969 के 61.1% से घटकर 57.3% रह गया।