सरायकेलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
चाम्पाई सोरेन (JMM) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 31.8% वोट पाकर सरायकेला सीट जीती और पांचू टुडू (BJP) को 15,680 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 294 ईचागढ़ थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से कोई सीट नंबर 294 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
14 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चाम्पाई सोरेन | 36,92631.8% | |
| 2 | पांचू टुडू | 21,24618.3% | |
| 3 | महेन्द्र नाथ मुर्मू | 20,24117.4% | |
| 4 | मोती मार्डी JMM(M) | JMM(M) | 14,72012.7% |
| 5 | बंशीधर मांझी जनता दल | जनता दल | 9,4958.2% |
| 6 | लक्ष्मण सोय JPP | JPP | 6,1325.3% |
| 7 | मुक्तिदानी सुंबरुई | 2,4172.1% | |
| 8 | पूर्ण चन्द्र मांझी BPP | BPP | 1,3251.1% |
| 9 | धनई मांझी JP | JP | 9860.8% |
| 10 | मनसा राम हाँसदा समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 8160.7% |
| 11 | संतोष मांझी निर्दलीय | निर्दलीय | 7280.6% |
| 12 | कारू हेम्ब्रम निर्दलीय | निर्दलीय | 3960.3% |
| 13 | बिमल कुमार सुंबरुई निर्दलीय | निर्दलीय | 3610.3% |
| 14 | सोना राम मांझी निर्दलीय | निर्दलीय | 3210.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 68% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सरायकेला से कौन जीता, 1977–2000
JMM ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1985 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 46.2% से घटकर 31.8% रह गया। मतदान प्रतिशत 1990 के 50.4% से बढ़कर 62.3% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।