देवघरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
सुरेश पासवान (JD) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 35.9% वोट पाकर देवघर सीट जीती और कामेश्वर नाथ दास (INC) को 18,821 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 158 कहलगांव थी। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 158 कटोरिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सुरेश पासवान 15.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
24 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुरेश पासवान जनता दल | जनता दल | 44,93135.9% |
| 2 | कामेश्वर नाथ दास | 26,11020.9% | |
| 3 | गोविन्द हजरा | 16,98013.6% | |
| 4 | मनभरण राय | 12,1499.7% | |
| 5 | रामदेव प्रसाद दास | 5,9244.7% | |
| 6 | अरुण राम वाम दल | वाम दल | 3,9403.1% |
| 7 | प्रभु पासी SJP(R) | SJP(R) | 2,6302.1% |
| 8 | राजेन्द्र दास BPP | BPP | 2,4592.0% |
| 9 | संजय कुमार दास | 2,0751.7% | |
| 10 | रामदेव हजरा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3261.1% |
| 11 | लक्ष्मी दास समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 1,2181.0% |
| 12 | रमेश रजक निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1340.9% |
| 13 | नरसिंह दास निर्दलीय | निर्दलीय | 8060.6% |
| 14 | रामस्वरूप मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 5030.4% |
| 15 | सन्तू प्रसाद दास निर्दलीय | निर्दलीय | 4780.4% |
| 16 | महेश कुमार सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 4340.3% |
| 17 | धर्मराज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4080.3% |
| 18 | रंजीत कुमार पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 3890.3% |
| 19 | मीरा देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 3400.3% |
| 20 | बुद्धन दास निर्दलीय | निर्दलीय | 2680.2% |
| 21 | रेखा रानी दास निर्दलीय | निर्दलीय | 2260.2% |
| 22 | शिव चरण उत्पल JMM(M) | JMM(M) | 1930.1% |
| 23 | प्रहलाद दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1700.1% |
| 24 | लाल मोहन राम निर्दलीय | निर्दलीय | 960.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 70% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.88 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
देवघर से कौन जीता, 1977–2000
JD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1990 के 41.8% से बढ़कर 59.0% हो गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट RJD ने जीती।