चौथमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
सत्य नारायण सिंह (CPI) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 21.8% वोट पाकर चौथम सीट जीती और घनश्याम सिंह (INC) को 13,323 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 182 का नाम चौथम था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 182 हरनौत है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
41 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सत्य नारायण सिंह वाम दल | वाम दल | 23,06221.8% |
| 2 | घनश्याम सिंह | 9,7399.2% | |
| 3 | सुधाकर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9,5989.1% |
| 4 | अरुण केशरी निर्दलीय | निर्दलीय | 8,7548.3% |
| 5 | पन्नालाल सिंह पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 8,5768.1% |
| 6 | सैयद जमाल उद्दीन अहमद BPP | BPP | 7,3006.9% |
| 7 | बासुदेव प्रसाद यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 4,6994.5% |
| 8 | सिकन्दर शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 4,4924.3% |
| 9 | कमला कान्त सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1993.0% |
| 10 | अभय कुमार सिंह | 3,0602.9% | |
| 11 | अनजानी चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5752.4% |
| 12 | सुभाष चन्द्र | 2,0742.0% | |
| 13 | शिव सदा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9131.8% |
| 14 | आनंदी साहनी | 1,8641.8% | |
| 15 | पंचा नन्द सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6951.6% |
| 16 | बासुदेव शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4141.3% |
| 17 | संजीत कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2841.2% |
| 18 | वली उल्लाह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1991.1% |
| 19 | विन्देश्वरी प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9060.9% |
| 20 | राम सागर यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 6800.6% |
| 21 | भूपेन्द्र पोद्दार निर्दलीय | निर्दलीय | 5530.5% |
| 22 | राम बिलास महतों निर्दलीय | निर्दलीय | 5400.5% |
| 23 | संजय यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 5200.5% |
| 24 | क्षमेंद्र कुमार सिंह समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 4850.5% |
| 25 | राम प्रसाद शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 4650.4% |
| 26 | महंत प्रहलाद दास निर्दलीय | निर्दलीय | 4500.4% |
| 27 | राज कुमार साह निर्दलीय | निर्दलीय | 4370.4% |
| 28 | जय कृष्ण यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 4280.4% |
| 29 | रणवीर यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 4100.4% |
| 30 | राम प्रकाश साह निर्दलीय | निर्दलीय | 3760.4% |
| 31 | राजो शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 3700.3% |
| 32 | अशोक प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3690.3% |
| 33 | कमलधारी यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 3260.3% |
| 34 | उत्तम साह निर्दलीय | निर्दलीय | 2760.3% |
| 35 | राजेन्द्र प्रसाद जीवनदानी JP | JP | 2420.2% |
| 36 | सुनील प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2410.2% |
| 37 | सीताराम शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 2400.2% |
| 38 | अजय प्रकाश निराला निर्दलीय | निर्दलीय | 2380.2% |
| 39 | जय नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2310.2% |
| 40 | दीप नारायण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2290.2% |
| 41 | अशोक कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1680.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 40% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 11.01 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चौथम से कौन जीता, 1977–2000
CPI ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 32.1% से घटकर 21.8% रह गया। मतदान प्रतिशत लगभग 1990 जितना ही रहा: 61.7%। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट SAP ने जीती।