चौथमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
सत्य नारायण सिंह (CPI) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 32.1% वोट पाकर चौथम सीट जीती और अरुण केशरी (JD) को 13,358 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 182 का नाम चौथम था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2005 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2005 से सीट नंबर 182 हरनौत है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
18 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सत्य नारायण सिंह वाम दल | वाम दल | 33,12332.1% |
| 2 | अरुण केशरी राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 19,76519.1% |
| 3 | घन श्याम सिंह | 17,54417.0% | |
| 4 | जगदंबी मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 13,37612.9% |
| 5 | क्षमेंद्र कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8,1647.9% |
| 6 | अभय कुमार सिंह | 3,7123.6% | |
| 7 | आनंदी साहनी | 2,4092.3% | |
| 8 | सुनील कु. सिंह LKD(B) | LKD(B) | 1,4111.4% |
| 9 | अरुण यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 7280.7% |
| 10 | कामोद गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 6320.6% |
| 11 | राजेन्द्र प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 6020.6% |
| 12 | सुमित्रा देवी मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 4920.5% |
| 13 | आनंदी पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 4740.5% |
| 14 | सत्य नारायण यादव BKUS | BKUS | 3120.3% |
| 15 | रमेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1720.2% |
| 16 | सुभाष चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1300.1% |
| 17 | पारस सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1180.1% |
| 18 | श्याम सुंदर दास निर्दलीय | निर्दलीय | 920.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 68% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.16 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चौथम से कौन जीता, 1977–2000
CPI ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह CPI की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1985 के 60.9% से बढ़कर 61.8% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में भी CPI ने यह सीट अपने पास रखी।