केसरियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1995
यमुना यादव (CPI) ने 1995 के विधान सभा चुनाव में 51.3% वोट पाकर केसरिया सीट जीती और किरण शुक्ला (BPP) को 25,204 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 18 केसरिया थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 18 मधुबन है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — यमुना यादव 24.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | यमुना यादव वाम दल | वाम दल | 52,00351.3% |
| 2 | किरण शुक्ला BPP | BPP | 26,79926.4% |
| 3 | ओबेदुल्लाह | 14,24114.1% | |
| 4 | शिव रंजन शर्मा | 1,3261.3% | |
| 5 | अशोक कुमार | 9370.9% | |
| 6 | कौशल किशोर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8050.8% |
| 7 | तेज नारायण राय | 6800.7% | |
| 8 | पंकज कुमार यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 6080.6% |
| 9 | मो. ताज निर्दलीय | निर्दलीय | 5860.6% |
| 10 | कृष्ण दास निर्दलीय | निर्दलीय | 5700.6% |
| 11 | चन्देश्वर कुंवर निर्दलीय | निर्दलीय | 5300.5% |
| 12 | राजदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5130.5% |
| 13 | सत्य नारायण यादव समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 3740.4% |
| 14 | श्यामा किशोर कुंवर निर्दलीय | निर्दलीय | 2920.3% |
| 15 | राम औतार चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 2120.2% |
| 16 | नरेश चन्द प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1820.2% |
| 17 | महंत राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1580.2% |
| 18 | सुरेश प्रसाद यादव | 1460.1% | |
| 19 | मदन राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1370.1% |
| 20 | सत्येन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.1% |
| 21 | श्रीनारायण चौबे निर्दलीय | निर्दलीय | 970.1% |
| 22 | भुनेश्वर तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPI, BPP और SAP को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.83 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
केसरिया से कौन जीता, 1977–2005
CPI ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 42.2% से बढ़कर 51.3% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1990 के 60.4% से घटकर 53.9% रह गया। इसके बाद 2000 के चुनाव में यह सीट SAP ने जीती।
- 1977पीताम्बर सिंह (CPI), जीत का अंतर 11.4%
- 1980राय हरिशंकर शर्मा (JNP(JP)), जीत का अंतर 2.5%
- 1985राय हरि शंकर शर्मा (INC), जीत का अंतर 8.6%
- 1990यमुना यादव (CPI), जीत का अंतर 20.8%
- 1995यमुना यादव (CPI), जीत का अंतर 24.9%
- 2000उबैदुल्लाह (SAP), जीत का अंतर 26.8%
- 2005 (फ़रवरी)उबैदुल्लाह (JD(U)), जीत का अंतर 10.5%
- 2005 (अक्टूबर)राजेश कुमार रौशन उर्फ़ बबलू देव (RJD), जीत का अंतर 1.1%