केसरियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2005
राजेश कुमार रौशन उर्फ़ बबलू देव (RJD) ने 2005 के विधान सभा चुनाव में 35.2% वोट पाकर केसरिया सीट जीती और रज़िया खातून (JD(U)) को 978 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 18 केसरिया थी। 2005 में, झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2005 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2010 से सीट नंबर 18 मधुबन है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
केसरिया का फ़ैसला सिर्फ़ 1.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 978 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजेश कुमार रौशन उर्फ़ बबलू देव UPA | UPA | 31,09035.2% |
| 2 | रज़िया खातून NDA | NDA | 30,11234.1% |
| 3 | रबीन्द्र प्रताप सिंह | 7,0188.0% | |
| 4 | रामायण सिंह | 4,6195.2% | |
| 5 | पूनम देवी | 4,2004.8% | |
| 6 | मोहम्मद ज़फ़रुल्लाह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0043.4% |
| 7 | लक्ष्मण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1052.4% |
| 8 | राम सरन प्रसाद यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8872.1% |
| 9 | जगनारायण पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6111.8% |
| 10 | नवीन कुमार सिंह | 9341.1% | |
| 11 | भिखारी पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 9301.1% |
| 12 | नुरुल ऐन अंसारी निर्दलीय | निर्दलीय | 7460.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.93 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.14 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2010 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2010 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
केसरिया से कौन जीता, 1977–2005
RJD ने यह सीट JD(U) से छीन ली, जिसने इसे 2005 (फ़रवरी) में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह RJD की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2005 (फ़रवरी) के 41.7% से बढ़कर 43.2% हो गया।
- 1977पीताम्बर सिंह (CPI), जीत का अंतर 11.4%
- 1980राय हरिशंकर शर्मा (JNP(JP)), जीत का अंतर 2.5%
- 1985राय हरि शंकर शर्मा (INC), जीत का अंतर 8.6%
- 1990यमुना यादव (CPI), जीत का अंतर 20.8%
- 1995यमुना यादव (CPI), जीत का अंतर 24.9%
- 2000उबैदुल्लाह (SAP), जीत का अंतर 26.8%
- 2005 (फ़रवरी)उबैदुल्लाह (JD(U)), जीत का अंतर 10.5%
- 2005 (अक्टूबर)राजेश कुमार रौशन उर्फ़ बबलू देव (RJD), जीत का अंतर 1.1%